अतिथि शिक्षकों ने WHO को पत्र लिखा: सत्याग्रह करते-करते हम कुपोषित हो गए हैं | ATITHI SHIKSHAK NEWS
       
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अतिथि शिक्षकों ने WHO को पत्र लिखा: सत्याग्रह करते-करते हम कुपोषित हो गए हैं | ATITHI SHIKSHAK NEWS

भोपाल। भोपाल की शाहजहानी पार्क में जन सत्याग्रह पर डटे अतिथि शिक्षकों ने सत्याग्रह के 70वें दिन रविवार 1 मार्च को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नाम पत्र लिखा है। लिखे पत्र में कार्यवाही की मांग की गई है कि मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षक सरकार की गलत नीतियों का शिकार होकर कुपोषित जीवन जीने के लिए मजबूर है। पिछले 13 साल से सरकार के शोषण के कारण अतिथि शिक्षकों एवं उनके परिवार को पौष्टिक भोजन नहीं मिल पा रहा है।

संगठन के प्रवक्ता जगदीश शास्त्री ने इस संबंध में बताया कि शिक्षकों की भारी कमी के चलते अतिथि शिक्षकों की भर्ती 2008 में अत्यंत कम मानदेय पर की गई  थी। जो परंपरा लगातार आज कांग्रेस की सरकार में भी बदस्तूर जारी है ।13 वर्ष गुजर जाने के बाद भी अतिथि शिक्षकों को दिया जाने वाला मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा सकी है। एक वर्ष पहले इसको दोगुना किया गया है। मानदेय दोगुना करते ही आधे से अधिक कार्यानुभवी अतिथि शिक्षकों को कार्य से अलग किये जाने की पोलिसी सरकार ने ला दी। नियमित रोजगार दिये जाने की बजाये बेरोजगार कर दिया गया है। 

सिर्फ और सिर्फ ₹100 प्रति कार्य दिवस मानदेय पाकर और 365 दिन में अधिकतम 200 दिवस कार्य पाकर नियमित रोजगार की उम्मीदों के सहारे अतिथि शिक्षक भारी शोषण का शिकार होते 13 वर्ष गुजार चुके हैं।अतिथि शिक्षक  अपने परिवार को इतनी छोटे मानदेय राशि में पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना तो दूर की बात रही, सामान्य भोजन भी नहीं दिला पाता है। जिसके कारण अतिथि शिक्षकों का परिवार कुपोषण का शिकार होता आ रहा है।संगठन के संस्थापक पी.डी.खैरवार ने अफसोस जताते हुए यह भी कज्ञा है,कि अतिथि शिक्षकों के परिवार में बच्चे बूढ़े सब हैं। जिनके लिए आवश्यकता के अनुकूल दवा उपचार आदि कराने का खर्चा भी पूरा नहीं हो पाता है। 

जिसके कारण कभी भी बड़ी बड़ी बीमारियों का शिकार होना स्वाभाविक है। बच्चों की शिक्षा दीक्षा एवं रौक शौक पूरा करने का जीवन तो अतिथि शिक्षकों के लिए संभव ही नहीं है। इस तरह अतिथि शिक्षकों की तीन पीढ़ियां माता पिता, बच्चे और खुद की  बर्बादी का दंश झेलते मध्य प्रदेश की सरकार से नियमितीकरण की मांग करने शाहजहांनी पार्क में डटा हुआ है। 

समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार ने बताया है, कि इस संबंध में विशेष जांच करते हुए अतिथि शिक्षकों के परिवार को स्वास्थ्य लाभ दिलवाए जाने के लिए पत्र लिखकर डब्ल्यू एच ओ से प्रार्थना की गई है। जिसके लिए पत्र रजिस्ट्री एवं ईमेल किया गया है। आज 71 वां दिन भी अतिथि शिक्षक जन सत्याग्रह लगातार जारी है,अभी तक कोई ठोस निर्णय सरकार के द्वारा नहीं लिया जा रहा है। इसलिए भी यह सत्याग्रह  नियमितीकरण तक जारी रहेगा।      

70वें दिन मुख्य रूप से नेतृत्व करने वालों में नवीन शर्मा, जगदीश शास्त्री, अनवर अहमद, रामस्वरूप गुर्जर,सर्जन सिंह शिल्पकार, देवेंद्र शाक्य, सुनील वर्मा गौरव राठौर,पुष्पा सविता,फहीम सरफरोश, लखन राठौर, अनीता हरचंदानी,अजय तिवारी, नीरज अर्जरिया, द्वारका तिवारी, प्रीति चौबे,शामिल रहे।