सेंट रेफियल्स स्कूल ने दुकानदारों को अभिभावकों का डेटा शेयर किया | INDORE NEWS
       
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सेंट रेफियल्स स्कूल ने दुकानदारों को अभिभावकों का डेटा शेयर किया | INDORE NEWS

इंदौर। जिला प्रशासन की रोक के बावजूद प्राइवेट स्कूल मनमर्जी कर दुकादारों से किताबें व यूनिफॉर्म की खरीदी के लिए दबाव बना रहे हैं। ताजा मामला सेंट रेफियल्स स्कूल का है। यहां की कक्षा 11वीं की छात्रा के स्वजन का आरोप है कि बुधवार को उनकी बेटी का रिजल्ट मिला और उसके पहले ही सुबह उनके मोबाइल पर दुकानदारों के मैसेज आना शुरू हो गए। स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों के अभिभावकों का डेटा दुकानदारों को शेयर किया है, जिससे ऐसे मैसेज उनके मोबाइल पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग व कलेक्टर को शिकायत की है। हालांकि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने किसी भी दुकानदार को कोई फोन नहीं किया।

अभय कुमार अग्रवाल के मुताबिक मेरी बेटी ने इस वर्ष 11वीं कक्षा पास की है। बुधवार सुबह 7.30 बजे स्कूल में छात्रों को रिजल्ट मिलने वाला था और 7.40 बजे दुकानदार की ओर से मेरे मोबाइल पर 12वीं कक्षा की किताबें उपलब्ध होने का मैसेज आ गया। दुकानदार ने मेरे जैसे कई स्वजन को मैसेज भेज दिया कि अगली कक्षा की किताबें हमारे उपलब्ध है। दुकानदार की ओर से मेरे पास ऐसे सात-आठ मैसेज आए। इससे स्पष्ट है कि स्कूल ने स्वजन का डेटा दुकादार को दिया है। इससे हमारी निजता उजागर हुई है। मैंने इस बारे में कलेक्टर को भी मैसेज भेजा, स्कूल शिक्षा विभाग और सीबीएसई को भी शिकायत की है।

वर्जन 
स्कूल की प्राचार्य सिस्टर जैंसी जोसेफ के मुताबिक स्कूल द्वारा किसी भी छात्र के स्वजन का मोबाइल नंबर पुस्तक विक्रेता को नहीं दिया जाता है। हम लोग कभी भी ऐसी कोई लिस्ट नहीं लगाते हैं कि अभिभावक किसी विशेष दुकान पर जाकर किताबें खरीदें। हमारे नोटिस बोर्ड पर किताबों की लिस्ट जरूर लगी है, लेकिन दुकान का नाम कहीं नहीं है। अभिभावकों की मर्जी है कि वे कहीं से भी किताबें खरीदें।

मैंने कलेक्टर व संकुल प्राचार्य को जांच के लिए स्कूल भेजा था। स्कूल प्रबंधन ने परिसर में चार जगह किताबों की लिस्ट लगवाई है, लेकिन उसमें दुकान का जिक्र नहीं है। प्रबंधन ने लिखकर भी दिया है कि उन्होंने किसी अभिभावक का डेटा दुकानदार को नहीं दिया। हम विस्तृत जांच कराएंगे कि क्या सभी अभिभावकों के मोबाइल नंबर पर ऐसे मैसेज आए हैं। यदि आए तो दुकानदार के पास डेटा कैसे पहुंचा।
राजेंद्र मकवानी, जिला शिक्षा अधिकारी

मुझे अभिभावक की शिकायत प्राप्त हुई थी, मैंने जिला शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में जांच करने के निर्देश दिए हैं।
लोकेश कुमार जाटव, कलेक्टर