ग्वालियर कांग्रेस कार्यालय से सिंधिया की तस्वीर हटाई | GWALIOR NEWS
       
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ग्वालियर कांग्रेस कार्यालय से सिंधिया की तस्वीर हटाई | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। अठारह साल तक शहर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय का मुख्य फोकस बने रहने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होते ही डीसीसी कार्यालय में लगे उनके पोस्टर व तस्वीरों को हटा दिया गया है। सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद अभी तक किसी भी कांग्रेसी ने अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। जबकि सोशल मीडिया व फेसबुक पोस्ट पर शहर के तमाम कांग्रेसियेां के कांग्रेस से इस्तीफा देने की होड़ मची दिखाई दे रही है।

अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बुधवार को इस्तीफा देने के बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की खबर जैसे ही आई उसके बाद ही शिंदे की छावनी स्थित शहर जिला कांग्रेस कार्यालय में लगी ज्योतिरादित्य सिंधिया की तस्वीरों के साथ ही स्थानीय नेताओं के साथ लगे पोस्टरों को भी हटा दिया गया है। इस मामले में शहर जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा का कहना है कि जो व्यक्ति अब कांग्रेस का सदस्य हीं नहीं है उसकी तस्वीर व पोस्टरों को भाजपा कार्यालय की शोभा बनना चाहिए। शर्मा ने बताया कि अभी तक शहर जिला कांग्रेस कमेटी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ ही किसी भी ग्रासरूट कार्यकर्ता ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। वहीं कांग्रेसी एकजुट है और आगामी समय में पार्टी पर आए संकट का एक साथ मिलकर कंधे से कंधे मिलाकर सामना करने के साथ पार्टी को मजबूती प्रदान करेंगे।

पंच निष्ठा का लेना होगा सकंल्प

भाजपा जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा ने बताया कि हर उस व्यक्ति का पार्टी में स्वागत है जो पार्टी के पंच निष्ठा पर चलता है और राष्ट्रवाद के साथ ही सामाजिक समरसता पर काम करता है। नए सदस्यों के पार्टी में शामिल होने पर उनका स्वागत है और सभी मिलकर भाजपा को मजबूत करने के साथ ही राष्ट्रवाद के लिए काम करेंगे।

अब भाजपा नेताओं का क्या होगा

पूर्व मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोडक़र भाजपा ज्वाइन करने के बाद अब उनके समर्थक भी भाजपा की सदस्यता लेंगे। ऐसे में अब उन भाजपा नेताओं का क्या होगा। जो इन क्षेत्रों से अपनी तैयारी कर रहे थे और आगे भविष्य में चुनाव लडऩे की योजना बना रहे थे। क्योंकि अब इनके छेत्र से कांग्रेस के विधायक चुनाव लडेगे, जिससे अब उनका टिकट मिलना नामुमकिन है। इससे भाजपा नेता भी परेशान कि नए नेताओं के पार्टी में आने से संतुलन बिगडेगा और टकराव की स्थिति बनेगी। वहीं कांग्रेस में वह नेता काफी खुश है, जिन्हें महाराज के खास ना होने पर नुकसान उठाना पड़ रहा था। इनके पार्टी छोडक़र जाने से अब उनकी पूछ परख बढ़ जाएगी और उन्हें अब वरियता पर लाभ मिलने लगेगा और उनके टिकट महाराज के हस्तक्षेप के चलते कट रहे थे अब उन्हें आसानी से मिल जाएगा 

सुनसान पड़ा है डीसीसी कार्यालय 

सिंधिया के बुधवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के बाद से ही पार्टी कार्यालय में सन्नाटा पसर गया था। यही आलम गुरुवार को भी पार्टी कार्यालय में देखने को मिला। हालांकि कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा जरुर कार्यालय पहुंचे। लेकिन अन्य कांग्रेंस पदाधिकारियों ने पार्टी कार्यालय से गुरुवार को भी दूरी बनाए रखी।