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सिंधिया जी अतिथि शिक्षकों को समय सीमा बतायें, कब उतरेंगे सड़कों पर: सुनील परिहार | ATITHI SHIKSHAK NEWS

भोपाल। टीकमगढ़ प्रवास के दौरान माननीय ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अतिथि शिक्षकों की नियमितीकरण की मांग का समर्थन किया। हम आपको मध्यप्रदेश के समस्त अतिथि शिक्षकों की ओर से दिल से धन्यवाद देते हैं। माननीय सिंधिया जी से निवेदन करते हैं आप समय सीमा बतायें कब अतिथि शिक्षकों के हित में सड़कों पर उतरेंगे। क्योंकि वचनपत्र अनुसार सरकार बनने के तीन माह के अंदर अतिथि शिक्षकों की मांगो का निराकरण करना था और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करना था लेकिन तेरह माह बाद भी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। 

23 जनवरी 2019 को भी सिंधिया जी ने अतिथि शिक्षकों को न्याय दिलाने का वादा किया था

अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने की वजाय बेरोजगार करने की प्रक्रिया जरूर शुरू कर दी है जो अतिथि शिक्षक बारह वर्षों से माध्यमिक विद्यालयों में हिंदी, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत की पढ़ाई करवा रहे थे उनको कांग्रेस की सरकार बनते ही बाहर कर दिया सिर्फ अंग्रेजी और गणित के शिक्षकों से पूरा सत्र निकाल दिया। लगभग 20 हजार अतिथि शिक्षकों को बेरोजगार कर दिया। सिंधिया जी बतायें वर्षों तक सेवा देने वाले अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वचन दिया था कि बेरोजगार करने का वचन दिया था। 23 जनवरी 2019 को अतिथि शिक्षकों ने गुना में आपका सम्मान समारोह आयोजित किया था। उस समय भी आपने अतिथि शिक्षकों को मान सम्मान और न्याय दिलवाने कि बात बोली थी पर आज दिनांक तक हमारे हित में कोई निर्णय नहीं करवाया।

शाहजहानी पार्क से या तो नियमितीकरण लेकर जाएंगे या अर्थी में जाएंगे

हम शिक्षा मंत्री माननीय प्रभुराम चौधरी जी के बयान कि निंदा करते हैं कि हमने आपको 25% आरक्षण दे दिया। माननीय शिक्षा मंत्री जी आपको बताना चाहते हैं इसी 25 प्रतिशत के विरोध में अतिथि शिक्षकों ने कांग्रेस पार्टी को वोट दिया था। ये पूर्व सरकार की देन है हम इसका विरोध करते हैं। आप हमें बतायें वचन पत्र को पूरा करने आपकी सरकार ने क्या किया। वचन पत्र कब पूरा होगा समय सीमा बतायें या फिर मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी, पूर्व मुख्यमंत्री माननीय दिग्विजय सिंह जी और सत्ता परिवर्तन के महानायक श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया जी मीडिया के माध्यम से अतिथि शिक्षकों को वचन पत्र कब पूरा करेंगे समय सीमा बतायें या सार्वजनिक रूप से बोलें अतिथि शिक्षकों को दिया वचन झूठा था सरकार उसे पूरा करने में असमर्थ है हम बिना किसी विरोध के अपने घर निकल जायेंगे और घर जाकर आत्महत्या कर लेंगे और सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती तो 18 फरवरी के बाद सामूहिक आमरण अनशन करेंगे। या तो शाहजहानी पार्क से नियमितीकरण का आदेश लेकर जायेंगे या हमारी अर्थियां यहाँ से जाएंगी। 

सिंधियाजी, अतिथि शिक्षकों का समर्थन करते हैं तो शाहजहानी पार्क आएंगे

प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार विगत 5 दिनों से सिर्फ पानी पीकर अनशन कर रहे हैं। 18 फरवरी से पानी पीना भी बंद कर देंगे। यदि जान जाती है तो सम्पूर्ण जिम्मेदारी मध्यप्रदेश शासन प्रशासन की होगी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी पर एफआईआर दर्ज करवाएंगे। यदि माननीय सिंधिया जी वास्तव में अतिथि शिक्षकों की मांगो का समर्थन करते हैं सड़कों पर उतरने तैयार हैं तो भोपाल के शाहजहानी पार्क में आकर सत्याग्रह में बैठें जहाँ विगत 54 दिनों से अतिथि शिक्षक ऐसे कड़ाके की ठंड में घर परिवार छोड़कर अपनी मौत का इंतजार कर रहे हैं। भले सरकार हमारे हित में निर्णय नहीं करे हम आपका भव्य स्वागत करेंगे। आपको देखकर ही हमने कांग्रेस को वोट दिये थे आज भी आपके साथ हैं। यदि सरकार हमारे हित में निर्णय नहीं करेगी तो मुरैना और आगर मालवा उप चुनाव में कांग्रेस का विरोध करेंगे। नगरीय निकाय में भी कांग्रेस को वोट नहीं देंगे।

अतिथि शिक्षक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी पी डी खैरवार, नवीन शर्मा, फहीम सरफ़रोश  ने प्रदेश में  स्कूलों का बहिस्कार करवाने के लिए टीमों का गठन किया है जो आगामी 10 दिन तक प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में जाकर स्कूलों का बहिष्कार करवाएंगे।