पत्नी से परेशान व्यापारी पुलिस के पास पहुंचा, बोला: सप्ताह में 3 दिन व्रत करवा रही है इसे समझाइए | BHOPAL NEWS
       
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पत्नी से परेशान व्यापारी पुलिस के पास पहुंचा, बोला: सप्ताह में 3 दिन व्रत करवा रही है इसे समझाइए | BHOPAL NEWS

भोपाल। अपनी पत्नी के कथित अंधविश्वास से परेशान व्यापारी पुलिस के पास जा पहुंचा। वह महिला थाने पहुंचा। महिला थाने में उसे परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया। पति का आरोप है कि बाजार में मंदी आने के बाद उसकी पत्नी अंधविश्वासी हो गई। वह सप्ताह में 3 दिन मंगलवार, गुरुवार और रविवार उपवास रखने के लिए बोलती है। नमक नहीं खाने देती। 

व्यापारी परेशान होकर काउंसलर के पास पहुंच गया और पत्नी को समझाने की गुहार लगाई। परिवार परामर्श केंद्र में अंधविश्वास और टोटके के मामले इन दिनों काफी आ रहे हैं। यह मामले पति-पत्नी के बीच विवाद की वजह बन रहे हैं। इनमें कुछ मामले तो इतने दिलचस्प हैं कि काउंसलर भी इन्हें सुनकर हैरान रह जाते हैं। काउंसलर का कहना है कि विश्वास करना मुश्किल होता है कि साइंस और टेक्नोलॉजी के इस युग में भी लोग अंधविश्वास और दकियानूसी मान्यताओं के शिकार हैं।

हर रोज नए टोटके कराती है

पति ने बताया कि मेरी शादी हुए पांच साल हो गए हैं। मेरी गिफ्ट आयटम की होलसेल की दुकान है। शादी के एक साल तक सबकुछ ठीक रहा, लेकिन ऑनलाइन मार्केट के कारण धीरे-धीरे बिजनेस में घाटा होने लगा। मैं भी परेशान रहने लगा। इसके बाद पत्नी पंडितों के चक्कर लगाकर नए-नए टोटके रोज कराती है, जिससे मैं परेशान हो गया हूं।

पत्नी कहती है कुत्ते को आधी रोटी खिलाकर आधी खुद खाओ

वहीं एक अन्य मामले में इंजीनियर पति ने बताया कि उसे माइग्रेन की बीमारी है। शादी के दो साल हुए हैं। पत्नी उसे माइग्रेन से निजात दिलाने के लिए तरह-तरह के टोटके अपना रही है। पत्नी हर रोज सुबह खाली पेट जलेबी की चाश्नी पिलाती है तो कभी सुबह चार बजे काले कुत्ते को आधी रोटी खिलाकर मुझे आधी रोटी खाने के लिए कहती है। पति का कहना है कि उसे डर है कि टोटकों के चक्कर में उसे दूसरी बीमारियां न हो जाएं। पत्नी की जिद के चलते वह ऑफिस और दोस्तों के बीच हंसी का पात्र बनकर रह गया हूं। 

इनका कहना है
शिक्षित परिवार भी अंधविश्वास के शिकार हो रहे हैं। अपनी तरफ से हम दंपत्ति को समझाने का पूरा प्रयास करते हैं, उन्हें हम हर तरह से भी गाइड करते हैं, लेकिन इस तरह के मामले हमें भी हैरान कर देते हैं।
- मोहिब अहमद, काउंसलर, परिवार परामर्श केंद्र