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एनकाउंटर के साथ ही दफन हो गया सुभाष बाथम का रहस्य | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में पुलिस ने 21 बच्चों को बंधक बनाने वाले सुभाष बाथम को एनकाउंटर में मार गिराया। दरअसल सुभाष को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर और शौचालय स्वीकृत नहीं किए गए थे। सुभाष इसी बात से नाराज था। उसने अपना मांग पत्र भी भेजा था। इससे पहले उसने फायरिंग करके कई लोगों को घायल कर दिया था। दोपहर 2:00 बजे उसने बच्चों को बंधक बनाया था और रात करीब 1:00 बजे उसका एनकाउंटर कर दिया गया। उसकी पत्नी को भी पीट-पीटकर मार डाला गया। पुलिस का कहना है कि पब्लिक ने उसकी पत्नी की पिटाई की।

फर्रुखाबाद में कब-कब क्या-क्या हुआ

सुभाष बाथम ने अपनी बेटी के जन्मदिन क्या निमंत्रण देकर बच्चों को घर बुलाया था। गुरुवार दोपहर 2:00 बजे आसपास के सभी के बच्चे सुभाष बाथम के घर पहुंचे।
सुभाष ने बच्चों को हत्यार दिखाते हुए कहा कि यदि वह चुप नहीं रहे तो उन्हें गोली मार दी जाएगी। मौत के डर से सभी बच्चे चुपचाप बैठे रहे।
शाम 4:00 बजे जब बच्चों के परिवार वाले उनकी तलाश में निकले तब उन्हें पता चला कि उनके बच्चों को बंधक बनाया जा चुका है। लोगों की भीड़ जब सुभाष के दरवाजे पर पहुंची तो उसने पब्लिक पर फायरिंग कर दी।
लोगों ने पुलिस को बुलाया। एक हेड कांस्टेबल वहां पहुंचा। सुभाष ने उस पर भी हमला कर दिया। 
हेड कांस्टेबल ने अपने टीआई राकेश को इसकी जानकारी दी। जब इंस्पेक्टर राकेश से बात करने पहुंचे तो उसने बम ब्लास्ट कर दिया। इस हमले में इंस्पेक्टर राकेश और उनका हेड कांस्टेबल दोनों घायल हो गए। 
शाम 6:00 बजे तक पुलिस के आला अधिकारी मौके पर आ चुके थे। उन्होंने एक रणनीति के तहत सुभाष के दोस्त को उससे बात करने भेजा। सुभाष ने उस पर भी गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने एटीएस की मदद मांगी।
रात 9:00 बजे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपात बैठक बुलाई। योगी ने फर्रुखाबाद के अधिकारियों से भी बातचीत की और पुलिस अफसरों को फटकार लगाई।

रात 11:00 बजे: सुभाष से जब बातचीत की गई तो उसने अपनी पत्नी और एक 2 साल के बच्चे को घर से बाहर भेजा। सुभाष की पत्नी हाथ में एक पत्र लिए थी। सुभाष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर और टॉइलट जैसी सहूलियतें देने से अधिकारियों ने इनकार कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सुभाष ने पुलिस से मांग की कि स्थानीय विधायक को मौके पर बुलाया जाए।

रात 1:00 बजे: एएसपी त्रिभुवन सिंह कहते हैं, 'रात में लगभग 1 बजे तेज आवाजें आ रही थीं। एटीएस के पहुंचने से पहले ही पुलिस टीम घर के अंदर दाखिल हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने सुभाष बाथम के घर पर पथराव शुरू कर दिया था। पुलिस टीम ने कमरे में पहुंचकर सुभाष बाथम को ढेर कर दिया। इस दौरान सुभाष की पत्नी, जो कि उस पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा थी, वह घर से बाहर निकली तो ग्रामीणों ने उसकी पिटाई कर दी। उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया।' 

सुभाष के दोस्त ने कहा था कि उसकी पत्नी का बलात्कार हुआ है 

बता दें कि सुभाष ने अपने जिस दोस्त पर गोली चलाई थी उसमें घटना के तत्काल बाद बताया कि उसके जेल जाने के बाद उसकी पत्नी के साथ काफी कुछ गलत हुआ है। सुभाष का कहना है कि स्थानीय विधायक और उन सभी लोगों को सामने लेकर आओ लेकिन अब पुलिस कह रही है कि उसने यह सब कुछ प्रधानमंत्री आवास के लिए किया है। सच क्या है इसका खुलासा अब कभी नहीं हो पाएगा क्योंकि सुभाष और उसकी पत्नी को मार दिया गया है।


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