परीक्षा पास पटवारी राजस्व मंत्री के घर पर धरना दे बैठे | MP NEWS
       
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परीक्षा पास पटवारी राजस्व मंत्री के घर पर धरना दे बैठे | MP NEWS

भोपाल। पटवारी परीक्षा पास करके अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे उम्मीदवार राजस्व मंत्री के बंगले के सामने धरने पर बैठ रहे हैं। उम्मीदवारों का कहना है कि राजस्व विभाग में ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन काउंसलिंग शुरू कर दी। 1435 पदों के लिए 1400 उम्मीदवार हैं। फिर भी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही। यदि 10 फरवरी तक नियुक्ति नहीं हुई तो वेटिंग लिस्ट एक्सपायर हो जाएगी। मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का इस बारे में अब तक कोई बयान नहीं आया है। उम्मीदवार धरने पर बैठे हैं। समाचार लिखे जाने तक राजस्व मंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हुई थी।

पटवारी के 1435 पद खाली, वेटिंग लिस्ट सिर्फ 1400 फिर भी काउंसलिंग पर नहीं बुला रहे

पटवारी भर्ती परीक्षा में वेटिंग लिस्ट वाले उम्मीदवारों को अभी तक नौकरी का इंतज़ार है। ये लोग अब राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के घर के बाहर धरने पर बैठे हैं। वेटिंग लिस्ट का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों का कहना है प्रदेश भर में 9235 पदों पर पटवारियों की भर्ती निकली थी। इसमें 7800 पटवारियों को नौकरी मिल गयी। बाकी बचे 1435 पद खाली पड़े हैं। इन पर वेटिंग लिस्ट वाले उम्मीदवारों को रखा जाना था लेकिन अब तक पटवारियों की वेटिंग लिस्ट क्लीयर नहीं की गई है जबकि सात बार काउंसलिंग हो चुकी है। काउंसलिंग के बाद सिर्फ 100 उम्मीदवारों को चुना गया है। बाकी के वेटिंग वाले प्रत्याशी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

प्रमुख सचिव कहते हैं वेटिंग वाले पद अनुकंपा नियुक्ति से भर दिए

इनकी शिकायत है कि वो लोग राजस्व सचिव से 30 से ज्यादा बार मिल चुके हैं। उनका कहना है कि सारे पद भरे जा चुके हैं। अब और पद नहीं हैं। इनका ये भी कहना है कि बाकी पद अनुकंपा नियुक्ति से भरे गए जबकि ये वेटिंग वाले उम्मीदवारों से भरे जाने थे।

पटवारी भर्ती: ऑफलाइन काउंसलिंग क्यों, क्या घोटाला है

उम्मीदवारों की शिकायत ये भी है कि ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन काउंसलिंग होने से ट्रांसपेरेंसी खत्म हो गयी है। अगर अब भी नियुक्ति नहीं दी गयी तो 10फरवरी को वेटिंग लिस्ट वाले उम्मीदवारों की वैधता खत्म हो जाएगी।

राजस्व मंत्री से न्याय नहीं मिला तो हाईकोर्ट जाएंगे

वेटिंग लिस्ट वाले इन उम्मीदवारों को अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। ये लोग अब तक दो बार पहले धरना दे चुके हैं। इस बार भी अभी तक मंत्री से मुलाकात नहीं हो पाई है। ऐसे में अब उम्मीदवारों को सिर्फ कोर्ट का ही आसरा है। 10 फरवरी तक अगर इन्हें नियुक्ति नहीं दी गयी तो फिर इन्हें दोबारा परीक्षा देना होगी।