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उद्योगपति पुनीत अग्रवाल की पत्नी और बेटे ने अपनी आँखों से देखा दर्दनाक हादसा | INDORE NEWS

इंदौर। नए साल के पहले ही दिन इंदौर शहर का माहौल गमगीन था। जब शहर में छह अर्थियां निकलीं तो हर किसी के आंखों में आंसू थे। ये अर्थियां एक ही परिवार के लोगों के थे। इन सभी की मौत महू स्थित फॉर्म हाउस के लिफ्ट हादसे में हो गई है। सभी लोग महू के पतालपानी स्थित फॉर्म हाउस में नए साल के जश्न के लिए जमा हुए थे। इस पल के दो लोग गवाह रहे हैं, जिन्होंने अपनी आंखों से परिवार को उजड़ते हुए देखा है।   

दरअसल, साल के आखिरी दिन यह दर्दनाक हादसा महू से छह किलोमीटर दूर पातालपानी रोड पर बने एक फॉर्म हाउस में हुआ है। पहाड़ी के समीप बने पाथ इंडिया कंपनी के मालिक उद्योगपति पुनीत अग्रवाल के फॉर्म हाउस पर उनका परिवार नए साल का जश्न मना रहा था। फॉर्म हाउस के ऊपरी मंजिल से पातालपानी का नजारा दिखता है। परिवार के सात लोग ट्रॉली लिफ्ट से नीचे उतर रहे थे लेकिन 80 फीट की ऊंचाई पर लिफ्ट अचानक पलट गई। हादसे में सात लोग नीचे गिरे, जिनमें से छह की मौत मौके पर ही हो गई। ऐसे तो इस हादसे के तीन लोग प्रत्यदर्शी है। लेकिन परिवार के दो लोग हैं। 

एक तो ट्रॉली लिफ्ट को ऑपरेट कर रहा चौकीदार। दूसरी पुनीत अग्रवाल की पत्नी और तीसरे प्रत्यक्षदर्शी हैं पुनीत अग्रवाल के बेटे। हादसे के वक्त पुनीत अग्रवाल की पत्नी नीति अग्रवाल नीचे खड़ी थी और बेटा निपुण अग्रवाल पानी की टंकी पर चढ़ा था। संयोग था कि वह भी इस लिफ्ट से ऊपर गया था। ट्रॉली लिफ्ट से परिवार के सभी लोग पतालपानी का नाइट व्यू देखने के लिए वॉच टावर के ऊपर गए। ट्रॉली लिफ्ट से ऊपर जाते वक्त पुनीत अग्रवाल की पत्नी नीचे रुक गई थी। वह प्राकृतिक नजारे को देखने नहीं गई। पुनीत अग्रवाल की पत्नी नीचे खड़ी होकर सभी लोगों के आने का इंतजार कर रही थी। लेकिन अचानक से एक-एक कर लोग एक दूसरे पर गिरने लगे। उसके बाद वहां चीख पुकार मच गई। कइयों के सांसें चल रही थीं, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। लेकिन सभी की मौत हो गई।

लिफ्ट में सवार होकर नीचे से वाच टावर पर आठ लोग गए थे। जिसमें एक पुनीत अग्रवाल का बेटा निपुण भी था। लेकिन लौटते वक्त निपुण वाच टावर पर ही रुक गया। वह भी ऊपर से लोगों का नीचे उतरने का इंतजार कर रहा था। उसके आंखों के सामने ही लिफ्ट पलट गई और परिवार के सभी लोग नीचे धड़ाम से गिर गए। निपुण ये सब देख ऊपर से चीखता ही रह गया लेकिन एक ही झटके में सब कुछ खत्म हो गया। फिर वाच टावर से उसे किसी तरह नीचे उतारा गया।

वहीं, लिफ्ट को ऑपरेट कर रहे चौकीदार ने बताया कि ट्रॉली लिफ्ट में पुनीत साहब सहित छह लोग उसमें सवार हुए, उनकी पत्नी उस पर नहीं चढ़ीं, नीचे ही खड़ी रहीं। वहीं बेटा लिफ्ट के ऊपर पहुंचने पर ऊपर टंकी पर उतर गया। इस दौरान लिफ्ट को नीचे किया जा रहा था और अचानक ट्रॉली लिफ्ट की ट्रॉली पलट गई। उसमें मौजूद सारे लोग एक ही झटके में धड़ाम से नीचे आ गए। आवाज सुनकर मौके पर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए।