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सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को दिल्ली से भोपाल के लिए 2.5 करोड़ मिले थे, हिसाब दीजिए: कांग्रेस

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार ने सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को भोपाल में जनहितकारी विकास कार्यों के लिए ढाई करोड रुपए दिए थे परंतु साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने 6 महीने में ₹1 का काम नहीं किया है। कांग्रेस अब इसे मुद्दा बना रही है। कांग्रेस ने सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर से उनके विजन डॉक्यूमेंट के बारे में भी सवाल किया है। चुनाव के समय उन्होंने भोपाल की जनता से जो वादे किए थे उसकी प्रगति रिपोर्ट मांगी है। 

भोपाल की सीट पर रिकार्ड वोटों से जीतने वाली बीजेपी सांसद ने चुनाव के ठीक पहले भोपाल के विकास का विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया था। बीजेपी (BJP) के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में साध्वी ने बताया था कि वो सांसद बनेंगी तो भोपाल की शक्ल बदल देंगी। चुनाव को धर्मयुद्ध बताने वाली साध्वी ने कहा था कि रोजगार के अवसर बढ़ाने से लेकर शहर को स्मार्ट बनाने और एम्स में सुविधाएं बढ़ाने पर उनका जोर होगा, लेकिन 6 महीने का समय बीतने के बाद भी साध्वी नहीं बता पा रही हैं कि उन्होंने भोपाल के विकास के लिए क्या कदम उठाए?

विकास पत्र में शामिल वादे -

  • राजा भोज के जीवन पर आधारित लाइट एंड साउंड शो शुरू करना
  • पर्यटन को बढ़ावा देना 
  • रानी कमलापति कालखंड की संस्कृति से लोगों को रूबरू कराना
  • अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ानों को शुरु करना
  • भोपाल से वंदे मातरम जैसी ट्रेनों को शुरु कराना
  • स्मार्ट सिटी के कामों में तेजी लाना
  • मोदी सरकार की योजना के तहत स्किल डेवलपमेंट के अभियान को गति देना
  • एम्स में सुविधाएं बढ़ाना
  • युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करना 


सांसद निधि के इस्तेमाल पर सवाल

लोकसभा की एक रिपोर्ट बताती है कि सांसद बनने के 6 महीने बाद भी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने 2.5 करोड़ की सांसद निधि का कोई इस्तेमाल नहीं किया है। बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से जब इस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा है कि विकास को लेकर उनकी प्रक्रिया जारी है। अभी मीडिया को नहीं बताएंगी। वहीं साध्वी के विकास पत्र के गुमशुदा होने पर कांग्रेस को साध्वी की घेराबंदी करने का मौका मिल गया है।

कांग्रेस का हमला

कांग्रेस मीडिया विचार के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने साध्वी से पूछा है कि कांग्रेस से एक साल साल के कार्यकाल का ब्यौरा मांगने वाले सांसदों को बताना चाहिए कि उन्होंने भोपाल के विकास के लिए क्या किया है। कांग्रेस का कहना है कि सांसद बनने के 6 महीने के कार्यकाल की उपलब्धि में साध्वी के खाते में काम की जगह उनके विवादास्पद बयान ही हैं जो खासे सुर्खियों में रहे हैं। फिर चाहे वो गोडसे को राष्ट्रभक्त बताने का मामला हो या बीजेपी नेताओं के निधन पर विपक्ष पर मारक शक्ति के इस्तेमाल का बयान।