10 साल जेल में रहकर भी तुझे अकल नहीं आई: प्रज्ञा ठाकुर को मिले धमकी भरे पत्र में लिखा है | BHOPAL NEWS
       
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10 साल जेल में रहकर भी तुझे अकल नहीं आई: प्रज्ञा ठाकुर को मिले धमकी भरे पत्र में लिखा है | BHOPAL NEWS

भोपाल। विश्व हिंदू परिषद के नेता एवं भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर भोपाल लोकसभा सीट से सांसद बनी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को बीती रात मिले धमकी भरे पत्र का अनुवाद कर लिया गया है। यह धमकी भरा पत्र उर्दू में लिखा गया था। पत्र में अंसार उल मुजाहिदीन संगठन का नाम लिखा गया है। बताया जा रहा है कि यह पाकिस्तान का एक आतंकवादी संगठन है। पत्र में प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जान से मारने की धमकी दी गई है। कहा गया है कि यदि कानून में सजा नहीं दी तो हम देंगे। इस पत्र के साथ एक सफेद पाउडर का पैकेट भी था। पुलिस ने उसकी जांच के लिए लैब भेज दिया है।

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मिले धमकी भरे पत्र में क्या लिखा है

'कहां से हैं, क्या करते हैं, सोचना नहीं। कुछ पता नहीं चलेगा। वैसे भी हम लोग जान हथेली पर लेकर चलते है, तूने इंसानियत के खिलाफ बहुत जुल्म किए हैं। मालेगांव में इतने सारे मुसलमानों की जान लेकर सैकड़ों को जख्मी कर अभी भी तेरा दिल नहीं भरा। दस साल जेल में रहकर भी तुझे अकल नहीं आई। जजों के सामने कैंसर की बीमारी का रोना रोकर और भीख मांगकर तुने जमानत ली। जमानत पर बाहर आकर ऐश कर रही है। लोगों के बीच दुश्मनी पैदा कर रही है। तू खुद को देशभक्त कहती है, असल में तू देशद्रोही है। तेरे जैसे लोगों को सबक सिखाने का फैसला किया है। कानून तुझे सजा दे या न दे, मगर अनसारुल मुसलामीन तुझे जरूर मारेगा। नेक काम से जन्नत मिलेगी। (लेटर के कुछ अंश...)

तीन एजेंसियां करेंगी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को धमकी भरे पत्र की जांच

भोपाल डीआईजी इरशाद वली ने कहा कि लेटर के साथ मिले पदार्थ को जांच के लिए भेजा गया है। लेटर काफी दिनों पुराना था। जांच की जा रही है। जांच के बिंदुओं के बारे में नहीं बताया जा सकता है। सभी तथ्यों पर जांच चल रही है और सभी बिंदु विवेचना में है, इसलिए इसकी जानकारी को ओपन नहीं किया जा सकता है। आपको बता दे कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के आरोप के बाद अब पुलिस सतर्क हो गई है। पुलिस ने प्रज्ञा की पुरानी शिकायतों को भी जांच में लिया है। ये लेटर किसने भेजा और उसमें लिखी बातों में कितनी सच्चाई है, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस के साथ इंटेलिजेंस और एटीएस भी अपने स्तर पर जांच में जुट गई है।