Loading...

सूर्य ग्रहण के कारण देश में राजनीतिक उथल-पुथल, मौसमी संक्रमण बढ़ेगा: ज्योतिष | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। भारत के ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार 26 दिसंबर 2019 को आ रहे कंकड़ाकृति सूर्यग्रहण के कारण पूरे देश में राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है। इस दौरान प्राकृतिक आपदा और मौसम का प्रकोप तेजी से बढ़ेगा। बता देगी 150 साल बाद इस तरह का सूर्य ग्रहण पढ़ने वाला है। ग्रहण ढाई घंटे का होगा लेकिन इसके पहले 12 घंटे काफी तनावपूर्ण हो सकते हैं। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दिन षष्ठग्रही योग बनने से एक दिन पहले यानि 12 घंटे पूर्व मंदिरों में पूजा-अर्चना करना हितकर रहेगा। 

सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर 2019: मंदिर और पूजा पाठ कब से कब तक बंद रहेंगे

ज्योतिषियों के अनुसार पौष मास कृष्ण पक्ष, स्नानदान अमावस्या और गुरुवार का दिन है। साथ ही मूल नक्षत्र धनु राशि में सूर्य, चंद्र, बुध, गुरु, शनि और केतु षष्ठ ग्रही का योग बन रहा है। मां चामुंडा दरबार के पुजारी पं. रामजीवन दुबे ने बताया कि 26 दिसंबर को वर्ष का आखिरी सूर्य ग्रहण है। इसके 12 घंटे पूर्व यानि 25 दिसंबर को रात 8.04 बजे तक मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के पट बंद हो जाएंगे। 15 घंटे बाद 26 दिसंबर को सुबह 11 बजे मंदिर में साफ-सफाई के बाद पूजा-अर्चना व आरती की जाएगी। 

राजनैतिक उथल-पुथल, प्राकृतिक आपदा, संक्रमण का प्रभाव

ज्योतिषाचार्य विनोद रावत ने बताया कि सूर्य ग्रहण का स्पर्श 8.04 बजे, मध्य 9.30 बजे और मोक्ष 10.56 बजे होगा। ग्रहण दो घंटे 52 मिनट तक रहेगा। इस सूर्यग्रहण के असर से कोई क्षेत्र अछूता नहीं रहेगा, जहां ग्रहण का प्रभाव नहीं दिखाई देगा। राजनैतिक उथल-पुथल, प्राकृतिक आपदा, सर्दी का प्रकोप बढ़ेगा। कई हिस्सों में वर्षा व ओलावृष्टि के योग रहेंगे। सूर्यग्रहण का प्रभाव धनु राशि पर रहेगा। यह भारत में दिखाई देगा। इसके अलावा सऊदी अरब, जापान, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी अफ्रीका, मलेशिया, थाइलैंड, सिंगापुर, ईरान, दुबई, मंगोलिया, चीन, श्रीलंका, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, हिंद महासागर में भी दिखेगा। 

राशियों पर पर प्रभाव

मेष-अपमान की आशंका, बुरे कर्मों से बचें।
वृष-कष्ट, अपना ख्याल रखें।
मिथुन-जीवनसाथी की सेहत बिगड़ेगी, स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
कर्क- शुभ समाचार के संकेत, धैर्य का परिचय दें।
सिंह- चिंता सताएगी, स्वयं को व्यस्त रखें।
कन्या- कष्ट, सावधानी रखें।
तुला- धन लाभ।
वृष्चिक- वित्तीय हानि, लापरवाही न बरतें।
धनु- हानि की आशंका।
मकर- हानि का संकेत, सोच समझकर कदम उठाएं।
कुंभ- लाभ का समाचार, प्रसन्नता का भाव रखें।
मीन- खुशियों में वृद्धि, शुभ समाचार।