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सीएम सर, पटवारी जी शायद भूल गए, आपको अगला चुनाव भी लड़ना है | Khula Khat @ CM Kamal Nath

माननीय मुख्यमंत्री जी, सादर अभिवादन। आज शिक्षा व्यवस्था प्रदेश में चरमरा चुकी है। 5200 अतिथि विद्वानों को एक साथ निकाल कर घर का रास्ता दिखा दिया। कांग्रेस सरकार के वचन पत्र को उनके ही उच्च शिक्षा मंत्री ने फाड़ दिया। ये वह अतिथि विद्वान् है जो उच्च शिक्षित है और कई सालों से महाविद्यालय मैं अपनी सेवा दे रहे थे। जिन्हें आप लोगो ने नियमित करने का वचन दिया था, अपने घोषणा पत्र मैं। जिसे खुद आपके मंत्री पटवारी जी ने नियमित करने का कहा था। पर खुद उन्होंने बीजेपी शासन काल मैं हुईं फर्जी PSC से चयनित हुए (जोकि अन्य प्रदेश से है) को पोस्टिंग दे दी। 

आप ही ने MPPSC खुद दूसरा व्यापम घोटाला बोला था

आपको अवगत करवा दू, खुद कांग्रेस ने इस परीक्षा को दूसरा व्यापम घोटाला बोला था और इसकी जाँच का वादा किया था। बिना जांच इस परीक्षा को इसके परिणाम को जो परीक्षा के पहले और बाद में ना जाने कितनी बार संशोधित हुए, उसमे ही नाजने किस बात की जल्दी की अपॉइंटमेंट भी कर दिए जबकि इस परीक्षा पर कोर्ट ने स्टे दिया हुआ है पर आपकी सरकार ने इसमें ज्वाइनिंग करवा दी, इसका मतलब ये है की PSC घोटाला हुआ ही नहीं, और अगर हुआ तो आपका शासन इसकी जांच नहीं चाहता है, अब इसका कारण तो आप ही बेहतर जाने। 

आपने एक झटके में 52100 परिवारों का चूल्हा बुझा दिया

अब हम बात करे उन 5200 अतिथि विद्वानों की जिन्हें आपके मंत्री पटवारी घर का रास्ता दिखा रहे है। ये अतिथि विद्वान उच्च शिक्षित है इन्होंने अपने जीविन का अहम् समय शिक्षा क्षेत्र को दिया कई लोग 15-20 साल से महाविद्यालय में पढ़ाया उसके बाद अब आपकी व्यवस्था से वह घर बैठने को मजबूर हो गए है, आपके रोजगार का वादा तो साइड मैं रह गया और पटवारीजी ने तो 5200 परिवारो को बेरोजगार कर दिया। 

आप के मंत्री जीतू पटवारी तो महिलाओं के सामने भी असभ्यता से बात करते हैं

अतिथि विद्वानों के 5 लोगों को मिलने के लिए बुलाया गया। तब आपके मंत्री जीतू पटवारी का बात करने का लहजा किसी तरह से सभ्य नहीं था। वह ये भी भूल गए की वे किसी महिला से बात कर रहे है। महोदय मंत्री जी ये वे लोग है जो बहुत मेहनत से पढ़ाई करके उच्च शिक्षा ले कर यंहा तक पंहुचे है। कहीं टीपा टापी करके नहीं। पटवारी जी आपको अवगत करवा दे की आपकी सरकार को जितवाने मैं अतिथि विद्वानों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। ये विद्वान् राजनितिक नहीं है, शिक्षक है। 

सीएम सर संज्ञान ले, 5200 भूखे विद्वानों का संयम टूट रहा है

अगर मुख्यमंत्री जी आप को अपने प्रदेश मैं बेरोजगार बढ़ाना ही है तो कोई बात नहीं। आपके वचन पत्र को गलत करना है तो कोई बात नहीं। आपके मंत्री पटवारी जी तो, आपकी हर बात को गलत करने मैं लगे है। रोज कोई नई बात करते है और झूठे आश्वासन देते है। आपसे निवेदन है की कृपया इस मुद्दे को आप स्वयं संज्ञान में लें और इन विद्वान् को नियमित करे। 
लेखक डॉ अनिल जैन, दमोह (मध्य प्रदेश) स्वयं अतिथि विद्वान है। संपर्क 9329883360