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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में CAA के खिलाफ बड़े प्रदर्शन की तैयारी | MP NEWS

भोपाल। नागरिकता संशोधन कानून (सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट) के खिलाफ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस पार्टी ने बड़े प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री कमलनाथ (मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन) के नेतृत्व में होगा। बताया जा रहा है कि इस दौरान पूरे मध्य प्रदेश के कांग्रेसी नेता भोपाल में एकत्रित होंगे। यह प्रदर्शन कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है।

भोपाल में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन की तारीख

खबर आ आ रही है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की योजना बन रही है। आगामी 25 दिसंबर को राजधानी भोपाल में सीएम कमलनाथ की अगुवाई में सारे मंत्री और विधायक कानून के विरोध में प्रदर्शन करेंगे। साथ ही कानून को लेकर जनमत संग्रह (Referendum) भी करेंगे। दिल्ली में केंद्र सरकार के नए कानून के खिलाफ (Protest against CAA) पार्टी के हल्लाबोल के बाद ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस-शासित सभी राज्यों में प्रभावी तरीके से प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है। 

25 दिसंबर को भोपाल में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ क्या करेगी कांग्रेस

देश के कई राज्यों में नागरिकता संशोधन कानून का बड़े स्तर पर विरोध किया जा रहा है। इसके मद्देनजर मप्र में भी कांग्रेस सरकार ने सीएम के नेतृत्व में प्रोटेस्ट-मार्च की योजना बनाई है। आगामी 25 दिसंबर को सीएम कमलनाथ के साथ-साथ प्रदेश सरकार के ही सारे मंत्री औऱ विधायक जुटेंगे। प्रोटेस्ट मार्च में बड़ी तादाद में हर जिले से कार्यकर्ता भी भोपाल में हल्ला बोलेंगे। प्रोटेस्ट के जरिए कांग्रेस जनता से कानून के विरोध में मत भी जानेगी।

AICC ने क्या निर्देश दिए हैं प्रदेश कांग्रेस कमेटी को

CAA को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोला था। अब दिल्ली के बाद कांग्रेस शासित राज्यों में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन की तैयारी है। एआईसीसी ने सभी राज्यों में इस कानून के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए निर्देश दिए हैं। ऐसे में कांग्रेस शासित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे हिंदी भाषी राज्यों में कांग्रेस सरकार का पूरा फोकस इस प्रदर्शन को प्रभावी बनाने में है। दिल्ली के बाद भोपाल में भी कमलनाथ सरकार इस कानून के विरोध के बहाने शक्ति प्रदर्शन करेगी।