भोपाल: शिवराज सिंह चौहान को पुलिस ने रोका तो बैरिकेट्स पर चढ़ गए | BHOPAL NEWS

Updesh Awasthee
भोपाल। राजधानी की मनुआभान की टेकरी पर 8 महीने पहले हुए 12 साल की बच्ची से गैंगरेप और हत्या के मामले में शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल में प्रदर्शन किया। शिवराज सिंह वीर के साथ पैदल मार्च करते हुए सीएम हाउस की तरफ बढ़ रहे थे कि तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस के रोकने पर शिवराज सिंह बैरिकेट्स पर चढ़ गए। बता दें कि रविवार को कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ प्रदर्शन किया था। 

बच्चे की मां ने सबके सामने अपना दर्द बयान किया

सोमवार को धरने के दौरान बच्ची की मां की बातें सुनकर लोगों की आंखें भर आईं। मंच पर बैठे नेता भी आंसू पौंछते नजर आए। रोते हुए बच्ची की मां ने कहा - "जहां घटना को अंजाम दिया गया, वह स्थान सुनसान नहीं है। वहां हमेशा लोगों का तांता लगा रहता है। हम बेटी को न्याय दिलाने के लिए आठ महीने से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हमें टरकाया जा रहा है। पुलिस वाले कभी कहते हैं, सागर से आएगी। फिर कहते हैं हैदराबाद से आनी है। कभी कहते हैं दिल्ली से नहीं आई। इतना कहते ही बच्ची का मां फूटफूटकर रोने लगी। उन्हें मौजूद कुछ महिलाओं ने चुप कराया। बच्ची की मां को रोता देख लोगों की आंखें भर आईं। बच्ची की मां ने कहा - आठ महीने से न्याय के लिए भटक रही हूं, अधिकारी मुझे टरका रहे हैं। मेरी बच्ची से सामूहिक बालात्कार हुआ, फिर उसकी पत्थरों से कुचलकर हत्या कर दी गई। लाश छुपाने के लिए उसे बड़े-बड़े पत्थरों से ढक दिया गया। आखिर मुझे कब न्याय मिलेगा। "

मुख्यमंत्री कमलनाथ को ज्ञापन सौंपा

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटी को अब तक न्याय नहीं मिला। उसकी मां न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रही है। अब तक अपराधियों की डीएनए रिपोर्ट भी नहीं आई। इसके बाद चौहान जुलूस के साथ मुख्यमंत्री निवास की तरफ गए। रास्ते में उन्हें रोक दिया गया। फिर चार भाजपा नेताओं और पीड़ित बच्ची की मां के साथ वे मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने सीएम हाउस पहुंचे। यहां उन्हें ज्ञापन देकर केस से अवगत कराया गया। 

डीएनए रिपोर्ट में सामूहिक बलात्कार का संकेत, इसलिए पुलिस छुपा रही है

पिता ने बताया कि पुलिस अफसर पिछले आठ महीने से यह नहीं बता रहे हैं कि डीएनए सैंपल किस लैब भेजे गए हैं। कोहेफिजा थाना प्रभारी ने बताया था कि डीएनए सैंपल सागर भेजे गए हैं। बाद में उन्होंने बताया कि सागर में सैंपल नहीं हो सका, इसलिए उसे हैदराबाद भेजा है। अब वह कहते हैं दिल्ली भेजा गया है। पिता ने सवाल किया है कि पुलिस मुझसे झूठ क्यों बोल रही है। उन्हें सच बताने में क्या दिक्कत है। चालान में पुलिस ने रिपोर्ट प्रस्तुत की है कि डीएनए में मिक्सिंग है। इसका मतलब आरोपी दो से अधिक हैं। फिर अन्य आरोपी कौन हैं, इसका पुलिस कब पता करेगी।

केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में नहीं भेजा इसलिए महीने में 1 दिन होती है सुनवाई

लांबाखेड़ा निवासी 12 वर्षीय बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म के बाद पत्थरों से सिर कुचलकर उसकी हत्या करने वाले दो आरोपी अविनाश साहू और जस्टिन भले ही जेल की सलाखों के पीछे हैं। बच्ची अपनी बुआ के बॉय फ्रेंड अविनाश के साथ टेकरी पर गई थी। यहां उससे मिलने जस्टिस आया था। कुछ देर बाद बच्ची गायब हो गई थी। अगले दिन सुबह उसकी लाश पत्थरों में दबी हुई मिली थी। पुलिस ने अपराध में 45 गवाह बनाए हैं। जिसमें से कोर्ट में बच्ची के माता-पिता और चाचा के अलावा चार गवाहों के ही बयान दर्ज हुए हैं। मामले में एक-एक महीने में सुनवाई हो रही है। पुलिस ने अपनी विवेचना पूरी करके 16 जून को कोर्ट में चालान पेश किया था।
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