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महिला अतिथि विद्वान बड़ी संख्या में मुंडन कराएंगी | ATITHI VIDWAN NEWS

भोपाल। कमलनाथ सरकार से वचन निभाने के वादे को पूरा करने की मांग में अड़े अतिथिविद्वानों ने आज शाहजहांनी पार्क भोपाल में प्रेस वार्ता आयोजित कर कमलनाथ सरकार की कैबिनेट द्वारा लिए गए हालिया फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजकद्वय डॉ देवराज सिंह एवं डॉ सुरजीत भदौरिया ने कहा है कि कमलनाथ कैबिनेट द्वारा लिया गया अतिथि विद्वानों के व्यवस्थापन का फैसला दरअसल अतिथिविद्वानों की मौत का फरमान है। सरकार ने अतिथिविद्वानों के नियमितीकरण का वचन दिया था न कि व्यवस्थापन का। इस व्यवस्थापन के फैसले से अतिथि विद्वानों को कोई लाभ नही हो रहा है। 

कैबिनेट फैसले से आहत महिला अतिथि विद्वान कराएंगी मुंडन

अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के डॉ जेपीएस चौहान के अनुसार कमलनाथ कैबिनेट द्वारा लिए गए अतिथिविद्वानों के इस विनाशकारी फैसले से आहत होकर कई महिला अतिथिविद्वान अपने केश तक त्यागने को मजबूर हुई है। कल आयोजित प्रेस वार्ता में मोर्चा की महिलाओं द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया कि वे अपने केश त्याग कर कमलनाथ सरकार के शोषणकारी कैबिनेट फैसले का विरोध करेंगी। आज कांग्रेस सरकार के फैसले से अतिथि विद्वानीन में इस हद तक निराशा व्याप्त है, की वे भरतीय संस्कृति में सबसे बड़ा अपशकुन, सबसे बड़ा धार्मिक अपराध, मुंडन तक कराने को मजबूर है।

राजपूत, ब्राह्मण, मुस्लिम तथा दलित महिलाएं कराएंगी मुंडन

मोर्चा के डॉ आशीष पांडेय ने कहा है कि शाहजहांनी पार्क में स्थिति इस हद तक विस्फोटक हो चुकी है कि राजपूत,ब्राह्मण, मुस्लिम तथा दलित समाज की महिलाओं ने अपना मुंडन करवाने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि सामाजिक रूप से बेहद संवेदनशील इस विषय से पूरे प्रदेश की राजनीति गरमा सकती है। क्योंकि अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा ने  करणी सेना, रॉयल राजपूत संगठन, परशुराम सेना, अजाक्स तथा मुस्लिम समाज से आह्वान किया है कि कमलनाथ सरकार की शोषणकारी नीति के खिलाफ आज इन समाजों की बेटियां अपने केश तक त्याग कर मुंडन कराने को विवश हो रही है। कमलनाथ सरकार आपने इस फैसले से कहीं न कही राजपूत, ब्राह्मण, मुस्लिम और दलित समाज का भी अपमान कर रही है। विदित हो कि इन सामाजिक संगठनों के अतिथिविद्वानो के इस आंदोलन में शामिल होने आए प्रदेश की राजनीति में नया भूचाल आ सकता है। 

गर्भवती महिला अतिथि विद्वान, बच्चे भी आंदोलन में शामिल

अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा  के प्रांतीय प्रवक्ता डॉ मंसूर अली ने कहा है कि शाहजहानी पार्क में आयोजित इस धरना प्रदर्शन आंदोलन में गर्भवती महिला अतिथिविद्वान व बच्चे भी शामिल है। अपने नष्ट होते भविष्य से आहत महिला अतिथिविद्वान कड़ाके की ठंड में बच्चो सहित ओस के गिरती बूंदों तले जागते हुए रात गुज़ार रही है। तनावग्रस्त  ये महिलाएं अपने गिरते स्वास्थ्य की भी परवाह नही कर रही है तथा वे जीवटता के साथ शाहजहानी पार्क में डटी हुई हैं। कई महिला अतिथिविद्वानों को सुल्तानिया अस्पताल में भर्ती भी कराया गया है। सबकी एक ही मांग है कि नियमितीकरण का वादा पूरा हुए बिना वे भोपाल छोड़ कर नही जाएंगी।