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माय होम होटल से 67 लड़कियां और 7 नाबालिग बरामद | INDORE NEWS

इंदौर। शहर में एक शिकायत के बाद पुलिस ने एक ही साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की है। जिसमें एक होटल भी शामिल है। उस होटल से 67 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया है। इंदौर एसपी ने रविवार शाम को प्रेस कॉफ्रेंस कर होटल से बाहर निकाली गईं लड़कियों के बारे में जानकारी दी है कि ये वहां क्या करती थीं। 

पुलिस की इस कार्रवाई को हनी ट्रैप मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि जिन जगहों पर छापेमारी हुई हैं, उन सभी ठिकानों के ताल्लुकात एक मीडिया संस्थान के संचालक से है। वह लगातार हनीट्रैप से जुड़े मामलों की तस्वीर और वीडियो सामने ला रहे थे। लेकिन पुलिस इस कार्रवाई को कुछ और ही बता रही हैं। दरअसल, पुलिस ने माय होटल पर छापेमारी की। छापेमारी के बाद होटल से 67 लड़कियां और सात बच्चियां निकाली गई हैं। इन सभी को होटल से एक साथ बाहर निकाला गया। इतनी संख्या में होटल लड़कियों और महिलाओं को निकलते देख लोग हैरान रह गए। पुलिस कहना है कि ये लड़कियां देश के विभिन्न हिस्सों की हैं। जिनसे होटल के डांस बार में नाच-गाने का काम करवाया जाता था। 

वहीं, जब इस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे तो इंदौर एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा ने कहा कि यहां काम करने वाली लड़कियों और महिलाओं की शिकायत पर की गई है। पुलिस के अनुसार पलसिया थाने में ये लड़कियां शिकायत दर्ज करवाई थीं कि उन्हें काम के बदले वेतन नहीं दिया जाता है। साथ ही उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है। डांस बार में उनसे नाच-गाना करवाया जाता है।

एसएसपी के मुताबिक इन महिलाओं को होटल संचालक वेतन नहीं देता था। बार में डांस करने के दौरान ग्राहकों से जो टिप मिलती थी। उसी पैसे से ये लड़कियां अपना पेट पालती थीं। इंदौर एसएसपी ने यह भी बताया कि डांसरों को मिलने वाली टिप में से भी कुछ हिस्सा होटल संचालक ले लेता था। इन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। जरूरत की चीजें इन्हें होटल संचालक ही लाकर दिया करता था। पुलिस को नहीं दी थी सूचना इंदौर एसएसपी ने कहा कि यह अपने आप में एक गंभीर बात पाई गई है कि इंदौर शहर के बीचोबीच रेस्तरां और बार के नाम से लड़कियों को बंधक बनाकर रखा जाता है। वहीं जहां इन लड़कियों को रखा जाता था, वहां से निकलने का एक ही रास्ता है। उस रास्ते पर भी चौबीस घंटे बाउंसर तैनात रहते हैं। जब कहीं ये बाहर जाती थीं तो इनके साथ बाउंसर भी जाते थे।