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रेलवे भर्ती परीक्षा उम्मीदवारों से ठगी करने वाले गिरफ्तार, 10 दिन पुलिस पीजी पर रही | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। रेलवे में टीसी बनाने के नाम पर 12 लाख की ठगी करने वाले आरोपी को क्राइम ब्रांच की टीम ने मुम्बई से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम को 10 दिन तक पड़ौस में पीजी पर रहना पड़ा क्योंकि जहां आरोपी रहता था, वो इलाका काफी संवेदनशील है। डीएसपी क्राइम ब्रांच रत्नेश तोमर ने बताया कि थाटीपुर निवासी गजेन्द्र चौहान छात्र (Gajendra Chauhan student) है। कुछ समय पूर्व वह रेलवे में टीसी की परीक्षा देने के लिए मुम्बई गया था। जहां पर उसकी मुलाकात सुलेमान वासिर शेख से हुई। 

बातचीत के बाद सुलेमान शेख ने उसे तुफैल अहमद से मिलवाया और बताया कि वह उसकी नौकरी टीसी के पद पर लगवा देगा, इसके लिए उसे 12 लाख रुपए देने होंगे। उनकी बातों में आकर वह तैयार हो गया और आरोपियों ने उसका फर्जी मेडिकल कराने के बाद ज्वाइनिंग लेटर दे दिया। झांसे में आए गजेन्द्र ने इसके बाद उन्हें पैसे भी दे दिए। पैसे देने के बाद जब वह ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा तो उसे ठगी का पता चला। ठगी का पता चलते ही उसने एसपी से शिकायत की और मामले की जांच क्राइम ब्रांच में उपनिरीक्षक कीर्ती अजमेरिया को मिली। मामले की जांच के बाद त्वरित कार्रवाई कर टीम ने तुफैल अहमद को पकड़ लिया था। लेकिन उसके साथी सुलेमान और नितिन बरकटे पाटिल चकमा देकर भाग गए थे। इसके बाद से ही टीम मुम्बई में उनकी तलाश में लगी हुई थी।

10 तक पुलिस पीजी पर पड़ौसी बनकर रही

आरोपी को दबोचने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम दस दिन तक उसके पड़ोस में पेइंग गेस्ट बनकर निगरानी की और जैसे ही सुलेमान और नितिन आए, टीम ने उन्हें घेर लिया। मौका पाकर नितिन तो भाग गया, लेकिन सुलेमान लिफ्ट कर लिया। क्योंकि जिस जगह सुलेमान रहता है वह पूरा एरिया संवेदनशील था।

इनकी रही सराहनीय भूमिका-

थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच दामोदर गुप्ता ने बताया कि आरोपी को दबोचने में महिला आरक्षक राखी बैस, आरक्षक अरूण शर्मा, नवीन पाराशर और रामबाबू की सराहनीय भूमिका रही।