Loading...

हाउसिंग बोर्ड घोटाला: EOW की टीम ग्वालियर ऑफिस में, छानबीन जारी | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। ग्वालियर की डीडी नगर में हुए हाउसिंग बोर्ड घोटाले की जांच धीरे-धीरे ही सही लेकिन चल रही है। मध्य प्रदेश के आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ, भोपाल के अधिकारियों ने ग्वालियर के हाउसिंग बोर्ड ऑफिस में कार्यवाही शुरू कर दी है। भोपाल से एक टीम ग्वालियर पहुंची जिसने दस्तावेजों की छानबीन की एवं अधिकारियों से पूछताछ की। अब तक इस मामले में दो अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। कहा जा रहा है कि घोटाला बहुत बड़ा है लेकिन कितना बड़ा है इसका खुलासा कोई नहीं कर रहा। 

यह है ग्वालियर का डीडी नगर हाउसिंग बोर्ड घोटाला

जानकारी के अनुसार ग्वालियर के डीडी नगर में प्लॉट, भवन के आवंटन और नामांतरण में बड़े स्तर घोटाले की शिकायतें शासन तक पहुंची थीं। आला अफसरों ने अगस्त में टीम भेजकर इसकी जांच कराई थी जिसमें गड़बड़ी उजागर हुई थी। इस मामले में अगस्त में उपायुक्त एनके देशपांडे तथा संपदा अधिकारी अजीत तिवारी को निलंबित कर दिया था। इसी माह दोनों के खिलाफ महाराजपुरा थाना पुलिस ने गबन का मामला भी दर्ज किया गया। हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी प्रदीप हेडाऊ ने सात फाइलों के गायब करने पर आईपीसी की धारा 409 के तहत यह मामला दर्ज कराया है।

हाउसिंग बोर्ड में लंबे समय से चल रहा है घोटाला, 15 साल का रिकॉर्ड जांच की जद में

घोटाला उजागर होने से मचे हड़कंप के कारण उपायुक्त एसके सुमन ने सभी फाइलों की गणना के लिए विभाग स्तर पर जिम्मेदारियां दी थीं। मामला उजागर होने के बाद आशंका है कि हाउसिंग बोर्ड में कई सालों से इस तरह का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। भोपाल स्तर के अधिकारी पिछले 15 सालों में हुए आवंटन, नामांतरण आदि मामलों की जांच की तैयारी कर रहे हैं। पिछले 15 सालों में उपायुक्त सहित संपदा शाखा में पदस्थ रहे अधिकारियों की जन्मकुंडली खंगाल रहे हैं। यदि विभाग के प्रमुख सचिव ने सख्ती से जांच कराई तो और कई अधिकारी घेरे में आ जाएंगे।