थानेदार के सरकारी आवास में चोरी, 6 माह बाद भी कोई सुराग नहीं

Updesh Awasthee
होशंगाबाद। पुलिस छोटी से छोटी चोरी में धरपकड़ शुरू कर संदिग्धों को उठाना शुरू कर देती है लेकिन वही जब थानाप्रभारी अजय तिवारी के सरकारी आवास में चोरी होती है तो पुलिस चोरों को पकड़ना ही नही चाहती? क्या पुलिस इस मामले में चोरो को बचाना चाहती है या फिर थाना प्रभारी की चोरी के बारे में जानकारी होने के बावजूद पुलिस, किसी पर मेहरबानी बरत रही है। क्या कारण है कि थाना प्रभारी के पुलिस थाने के पास ही पुलिस लाइन में स्थित आवास में चोरी की जाँच 6 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक शिथिल पड़ी हुई है। 

तकरीबन 6 माह बीतने के बाद भी अब तक सिवनी मालवा थाना परिसर मैं ही थाना प्रभारी अजय तिवारी के यहाँ हुई चोरी का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। आपको बता दें की 10/11 मई 2019 रविवार की दरम्यानी रात यह चोरी हुई थी। चोरों ने बैखोफ होकर सिवनी मालवा थाना प्रभारी अजय तिवारी के घर में ही सेंध लगा दी थी। अजय तिवारी उक्त घटना के समय छिंदवाड़ा पेशी पर गए थे। इसी बीच अज्ञात चोर घर में घुसे और चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। चोरो ने घर में से करीब 18 लाख रुपए नगदी एवं लगभग 28 तोला सोना लेकर रफूचक्कर हो गए जिनका सुराग आज भी पुलिस नहीं लगा पाई है।

हलाकि सूचना मिलते ही एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची थी और जांच पड़ताल शुरू भी कर दी थी। लगभग 18 लाख रूपए नकदी और 28 तोला सोना जिसकी अनुमानित लागत 8 लाख रुपए अज्ञात चोरों द्वारा चुरा ले गए थे। जिसकी शिकायत भी सिवनी मालवा थाने में ही दर्ज की गई थी लेकिन उसके बार चोरों की तलाश नहीं की गई। थाना प्रभारी अजय तिवारी के शासकीय आवास पर हुई लाखों की चोरी का 6 माह बीतने के बाद भी कोई सुराग पुलिस नही लगा पाई है। 

पुलिस अधीक्षक एमएल छारी ने एसडीओपी एसएल सोनिया के नेतृत्व में एक टीम का गठन भी किया था, जिसमें डोलरिया, शिवपुर के थाना प्रभारी सहित पुलिस कर्मी शामिल थे लेकिन सूत्रों की माने तो थाना प्रभारी अजय तिवारी अभी तक जांच टीम को कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं दे पाए जिसके चलते जाँच टीम भी हाथ पर हाथ धर बेठी है। 

सवाल जिनके जबाब का है सबको इंतजार

1.सिवनी मालवा थाना प्रभारी अजय तिवारी के घर चोरी हुई थी उस समय लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू थी और इन्ही पुलिसकर्मियों के द्वारा चौक चौराहों पर नाकाबंदी कर लोगो के द्वारा स्वयं की राशि ले जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। फिर थाना प्रभारी अजय तिवारी के घर इतनी बड़ी राशि कैसे आई थी। यदि किसी सहयोगी के द्वारा भी उन्हें राशि दी गई थी तो उस सहयोगी के पास इतनी बड़ी राशि कैसे आई थी ये भी जांच का विषय है।
2. जब थाना प्रभारी के घर चोरी हुई तब थाना प्रभारी के बताये अनुसार वे छिंदवाड़ा गए हुए थे तो आखिर किसके भरोसे इतने रूपये घर पर छोड़ कर गए थे। वहीं चोरी तो हुई परन्तु ना कोई ताला टूटा ना ही कुण्डी। खोजी कुत्ते भी आए परन्तु उसे भी कोई सुराग नहीं लगा।

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