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किसानों के नाम पर फर्जी लोन मामले में 1 महिला सहित 4 के खिलाफ FIR

खरगोन। जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर नारायणपुरा सोसायटी के इदारपुरा गांव के तीन लोगों व पोखर की एक महिला ने किसान बनकर फर्जी पावती (ऋण पुस्तिका) से लोन लिया। मामले का खुलासा इस साल फरवरी माह में जय किसान कर्जमाफी योजना में दो लाख ऋण माफी की ग्राम पंचायत में चस्पा सूची से हुआ। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वह फरार है। जबकि सोसायटी प्रबंधक को सस्पैंड कर दिया। तत्कालीन बैंक अध्यक्ष की पत्नी पर पहले ही केस दर्ज हो चुका है।

सहकारिका विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक व जांच अधिकारी एसएस चौहान ने बताया कि इदारतपुरा के किसान खूबचंद पाटीदार की शिकायत पर जांच शुरू हुई। शिकायत में अनिल जगदीश की ऋण पुस्तिका दर्ज है। इसमें उसने 2 लाख से ज्यादा का लोन लिया था। इंटरनेट पर खसरा नंबर अनिल के पिता जगदीश भुवानीराम का दर्ज है। कैलाश ठाकुर की जमीन कम है। इसका चार एकड़ तक रकबा बढ़ाया है। दो लाख रुपए का लोन लिया।

नारायण देवदास पाटीदार की भी ऋण पुस्तिका पर तीन एकड़ जमीन दर्ज है। इंटरनेट पर रकबा नारायण के पिता देवदास के नाम से बताया जा रहा है। इस पर 35 हजार का लोन निकाला था। पोखर की रत्नाबाई पति मुकेश के नाम से भी ऋण लिया गया है। जांच में यह सामने आया कि चारों ने फर्जी पावती बनाकर लोन लिया है। इसमें प्रबंधक पुरुषोत्तम पाटीदार को सस्पैंड किया है। मामले में रत्नाबाई का पति दो साल पहले 50 लाख के फर्जी लोन के मामले में गिरफ्तार हुआ था। वह गोपालपुरा निवासी है।

जांच अधिकारी ने कहा 2013 में तत्कालीन अध्यक्ष राजेश पाटीदार ने अपनी पत्नी संतोषीबाई के नाम से सात एकड़ की जमीन की फर्जी ऋण पुस्तिका बनाई। इसमें हर साल जीरो प्रतिशत ब्याज पर लोन लिया जाता रहा। 2016 में बंधक जमीन के बाद लोन पर प्रतिबंध लग गया। जांच में ओंकार तोताराम के से बी1 व बी2 पाया। महिला की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले में खूबचंद पाटीदार ने 18 जनवरी 2019 को शिकायत की थी। इसमें 21 जनवरी को पूरा लोन जमा कर दिया।

सीएम हेल्पलाइन पर कई शिकायतों के बाद हुआ केस

खूबचंद ने बताया नारायणपुरा सोसायटी में 90 खातों की जांच होना चाहिए। इसमें निर्मल पाटीदार सहित कई लोगों ने फर्जी पावती बनाकर ऋण लिया। कई लोगों ने कम जमीन को ज्यादा दिखाई है। खूबचंद ने कहा कि 2013 से शिकायतें कर रहे हैं। जय किसान योजना में पंचायत में सूची चस्पा नहीं होती तो मामले का खुलासा नहीं हो पाता। इसके बाद चार माह पहले सीएम हेल्पलाइन में तीन से चार बार शिकायत की है। इसके बाद कार्रवाई हुई है।

मामले में चारों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इसमें 7 साल की सजा व जुर्माना है। चारों फरार हैं। गिरफ्तारी करेंगे।
एसआई अनिल जाधव, जांच अधिकारी मेनगांव थाना