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मप्र के स्कूलों में दीपावली की छुट्टियां कितनी होंगी | How many Diwali holidays in MP schools

भोपाल। मध्य प्रदेश में इस साल 2019 में दीपावली की छुट्टियां कितने दिन होंगी। इस सवाल का जवाब हर कोई तलाश रहा है। दरअसल, विधानसभा के मानसून सत्र में एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से मंजूर किया गया था जिसमें लिखा था कि स्कूलों में पहले जैसे दशहरे से दीवाली तक (DUSSEHRA TO DIWALI) 24 दिनों की छुट्टियाँ (24 DAYS VACATION) होनी चाहिए। 

विधायक संजय यादव ने प्रस्ताव रखा था, रिमांइंडर भी लिखा

अशासकीय संकल्प में बरगी विधायक संजय यादव ने विधानसभा में यह प्रस्ताव रखा, जिसमें उन्होंने कहा कि हमारे समाज में लोगों का जुड़ाव कम हो रहा है। हमारे जो तीज-त्यौहार हैं, संस्कृति है, उससे भावी पीढ़ी दूर जा रही है। पढ़ाई तो एक बोझ की तरह हो गई है, जिससे थोड़े दिन के अवकाश से त्यौहारों का सही आनंद बच्चे नहीं ले पाते हैं। कई लिहाज से यह सही नहीं है और इसमें बढ़ोत्तरी के साथ बदलाव की जरूरत है। इस तरह के बदलाव से बच्चों का जुड़ाव बेहतर हो सकता है। बच्चों की पढ़ाई पर वैकेशन वाले दिनों का असर न हो, शैक्षणिक कैलेण्डर इस अंदाज में तैयार किया जा सकता है। इस प्रस्ताव को सदन ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। विधायक संजय यादव ने पिछले दिनों इस बावत रिमांइडर भी लिखा है। 

स्कूल शिक्षा विभाग देरी कर रहा है

अब स्कूल शिक्षा विभाग को इस प्रस्ताव के आधार पर अवकाश घोषित करना है परंतु समय पर काम ना करने की आदत के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस मामले पर भी कोई घोषणा नहीं की है। गौरतलब है कि अभी स्कूलों में दशहरे के समय 3 दिनों का अवकाश रहता है। इसी तरह दीवाली के समय भी 5 दिवसीय अवकाश होता है। होली के समय तीन दिन की छुट्टियाँ और इसी तरह अवकाश का कैलेंडर है।

त्यौहारी छुट्टी के तुरंत बाद कोई परीक्षा नहीं होगी

दीवाली, दशहरा में अवकाश दिवस बढ़ाने के अलावा यह भी प्रस्ताव दिया गया है कि होली जैसे त्यौहार के बाद कोई भी परीक्षा तुरंत नहीं होनी चाहिए। होली के बाद बच्चों को पेपर की तैयारी करने के लिए कम से कम एक सप्ताह का वक्त मिलना चाहिए। इससे न केवल मानसिक दबाव कम होगा, बल्कि इससे परिणाम भी भविष्य में बेहतर आ सकते हैं। विधायकों का इस तरह के प्रस्ताव में मानना भी है कि यदि मध्य प्रदेश सरकार इसको स्वीकार करती है, तो सीबीएसई में इसी तरह की वैकेशन प्रणाली लागू की जा सकती है, जो पूरे देश के छात्रों के लिए हितकारी होगी। वैकेशन पीरियड बढ़ाने को लेकर कई तरह के तर्क दिए गए हैं।