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BIHAR शिक्षक भर्ती में MP बैन तो मप्र भर्ती में बिहार बैन क्यों नहीं करते | KHULA KHAT

कैलाश विश्वकर्मा। मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा ली गई उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षक व माध्‍यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के सभी पदों पर मध्‍यप्रदेश के मूल निवासी को ही नियुक्ति दी जाये, अन्‍य राज्‍य के अभ्‍यथियों को न लिया जाये, जिससे मध्‍यप्रदेश के बेरोजगारों को रोजी रोटी मिल सके और प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्‍ध कराने की सरकार की महत्‍वाकांक्षी योजना साकार हो सके। 

सभी राज्‍यों ने अन्‍य प्रदेश के लोगों के लिये प्रतिबंधित कर दिया है जैसे हाल ही में बिहार राज्‍य में शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ जिसमें स्‍पष्‍ट शर्त लिख दी गई बिहार राज्‍य का मूल निवासी होना चाहिये। यदि अन्‍य राज्‍यों में ऐसे नियम है तो हमारी मध्‍यप्रदेश सरकार भी ऐसे ही नियम बनाये जिससे अन्‍य राज्‍य बालों को बाहर किया जा सके। 

वर्तमान शिक्षण व्‍यवस्‍था को संभाल रहे मध्‍यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों को जल्‍द अनभव प्रमाण पत्र जारी किया जाये व शिक्षक भर्ती परीक्षा में 25 बोनस अंक अनुभव के आधार पर दिये जाये और उन्‍हें जोडकर उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षक व माध्‍यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम पुन घोषित किया जाये जिससे अनुभवी अतिथि शिक्षक का लाभ बच्‍चों को मिले और अधिक से अधिक अतिथि शिक्षक को रोजगार मिल सके।