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मंत्रीपद के लिए देवमुरारी भोपाल में शक्तिप्रदर्शन करेंगे | BHOPAL NEWS

भोपाल। सीएम कमलनाथ से नाराज साधु देवमुरारी बापू ने अब शक्तिप्रदर्शन की तैयारियां शुरू कर दीं हैं। इससे पहले सीएम हाउस के सामने आत्मदाह करने का ऐलान किया था। देवमुरारी का कहना है कि उन्होंने चुनाव में कांग्रेस का प्रचार किया था। कांग्रेस ने वचन दिया था कि सरकार बनी तो मंत्री के समकक्ष दर्जा वाला पद दिया जाएगा। 

महा संत सम्मेलन आयोजित करने का ऐलान

देवमुरारी ने भोपाल में 27 सितंबर को महा संत सम्मेलन आयोजित करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि यह सम्मेलन पूरी तरह से गैर राजनीतिक रहेगा। इसमें कोई भी पार्टी या फिर राजनीतिक संस्था के संत शामिल नहीं होंगे।

देवमुरारी ने कंप्यूटर बाबा को जूते से पीटने की चेतावनी दी थी

दरअसल, देवमुरारी बापू का एक वीडियो इससे पहले भी सामने आया था। जिसमें उन्होंने कंप्यूटर बाबा को खरी खोटी सुनाई थीं। गौ-संवर्धन बोर्ड का अध्यक्ष पद ना मिलने से खफा देवमुरारी बापू ने कंप्यूटर बाबा को जूते से पीटने की चेतावनी दी थी। मंत्री पीसी शर्मा के मनाने के बाद भी गौ-संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष पद पाने पर अड़े थे।

कमलनाथ सरकार के खिलाफ प्रदार्शन किया जाएगा

देवमुरारी बापू ने प्रदेश के सभी प्रतिष्ठित संतों को महा सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंंने कहा है कांग्रेस सरकार में हो रहे संतो के शोषण को सामने रखा जाएगा। सरकार ने जो वादे किए थे वह अब तक पूरे नहीं किए गए हैं।

पीसी शर्मा ने धोखा दिया है

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले हमने कांग्रेस को समर्थन दिया था लेकिन सरकार ने सत्ता में आने के बाद अपने वादे अभी तक पूरे नहीं किए हैं। बापू ने कहा पीसी शर्मा आज ये बोलते हैं कि मैं किसी देवमुरारी बापू को नहीं जानता। बापू ने कहा शर्मा ने किसी न किसी न्यास बोर्ड का अध्यक्ष बनाने का भरोसा दिया था, लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया उन्होंने पूरे संत समाज को धोखा दिया है। 

दिग्विजय सिंह नाम लेकर हमला करें, भगवा ना कहें

संत देवमुरारी बापू ने कहा कि दिग्वियज सिंह को पूरे भगवा संतों के बारे में ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। उन्हें ऐसे बयान देने से बचने की सलाह देना चाहूंगा। राजनीति में लोग खुलकर नाम लेकर हमला करते हैं। अगर वह चिन्मयानंद स्वामी की ओर इशारा कर रहे थे तो उन्हें नाम लेकर बोलना चाहिए था। भगवाधारी तो मैं भी हूं इसलिए व्यक्ति विशेष का नाम न लेकर उन्होंंने पूरे संत समाज को ही बदनाम कर दिया। इससे हमारी भावनाएं आहत हुई हैं।