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GOLD ने 1 साल में 25 प्रतिशत का रिटर्न दिया है

इंदौर। सोने के भाव एक साल में 25 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गए हैं। यानी 1 साल में गोल्ड ने 25 प्रतिशत का रिटर्न दे दिया है। पिछले दो महीनों में ही इसके भाव 4,000 रुपए प्रति 10 ग्राम से ज्यादा बढ़े हैं। दुनियाभर में फैल रही आर्थिक मंदी और अनिश्चितता के कारण सोने की मांग तेजी से बढ़ी है।

अगस्त 2018 से लेकर अब तक सोने की कीमतों में 8,500 रुपए प्रति 10 ग्राम से अधिक की तेजी आ चुकी है। इसके कारणों में डॉलर के मुकाबले रुपए में आई कमजोरी के साथ-साथ देश में सोने के आयात पर बढ़ाया गया शुल्क भी शामिल है।

दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती और कई देशों में मंदी की शुरुआत से शेयर और म्यूचुअल फंड से निवेशकों का मुनाफा घटा है और जमा योजनाओं के ब्याज पर भी कमी चल रही है। अब वे सोने जैसे सुरक्षित निवेश को अहमियत दे रहे हैं। इससे बहुमूल्य धातुओं की मांग बढ़ रही है। इतना ही नहीं छोटे निवेशक भी इस स्थिति में सोने को ही सुरक्षीय निवेश मानने लगे है।

अमेरिका और चीन के व्यापार युद्घ, ब्याज दरों में कटौती और अमेरिका में लंबी अवधि (30 साल) की बॉन्ड यील्ड अब तक के सबसे निचले स्तरों पर आने से डॉलर पर दबाव बढ़ा है। ज्यादातर देश अपना मुद्रा भंडार डॉलर में रखते हैं और उनकी कोशिश सोने का भंडार बढ़ाकर आगे ऊंची कीमत पर भुनाने या ज्यादा डॉलर हासिल करने की होती है। इससे भी सोने की मांग बढ़ी है। भारत में इस स्थिति में रुपए की कमजोरी से सोने के भाव को और अधिक समर्थन किया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने कीमतों के मुकाबले भारत में तेजी अब भी थोड़ी पीछे है, जबकि पीक घरेलू मांग वाला त्योहारी सीजन अभी बाकी है। बजट में सोने के आयात पर सीमा शुल्क 10 से बढ़ाकर 12.5 फीसदी किए जाने से आधिकारिक सप्लाई कमजोर रहने के आसार हैं, जिससे कीमतों को और बल मिल सकता है।

सेंट्रल बैंकों ने 68 प्रतिशत बढ़ाई खरीद
पूरी दुनिया के सेंट्रल बैंकों ने 2019 की पहली छमाही में 374 टन सोना खरीदा, जो पिछले साल से 68 फीसदी ज्यादा है। इस दौरान सोने की कीमत 18 फीसदी बढ़ी है। तुर्की, कजाकिस्तान, चीन और रूस के सेंट्रल बैंक सोने के सबसे बड़े खरीदार हैं, जबकि आरबीआई ने भी इस साल खरीद बढ़ाई है और वह भी टॉप 10 खरीदारों में शामिल हो गया है।

तेजी जारी रहने के संकेत
वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्घि सुस्त पड़ने और अमेरिकी मौद्रिक नीति के हालिया रुझान से सोने में तेजी बने रहने के संकेत हैं। पिछले दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने चाइनीज सामान पर शुल्क की दरें 1 सितंबर की जगह 15 दिसंबर से लागू करने की बात कही और दुनियाभर के बाजारों में तेजी और सोने में गिरावट के संकेत भी दिए।

सुस्त रहेगी वैश्विक अर्थव्यवस्था
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्घि दर को लेकर अनुमान 3.5 से घटाकर 3.3 फीसदी कर दिया है, जबकि अमेरिका पर मंदी के साए के बीच फेडरल रिजर्व ने दरें घटाने की संभावना जताई है। ऐसे में सोने की मांग और कीमतें बढ़ने के आसार हैं। भारत में भी ईटीएफ और दूसरे जरियों से सोने में निवेश अभी तुलना मे पर्याप्त नहीं हुआ है।