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ग्वालियर मेट्रोपॉलिटन सिटी की अधिसूचना तो 2018 में ही जारी हो चुकी है | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। महानगर ग्वालियर को मेट्रो पॉलिटिन सिटी (Gwalior Metropolitan City) में सम्मिलित किए जाने की भ्रामक और राजनीतिक लाभ लेने व श्रेय लेने की कांग्रेस नेताओं में जो होड मची है, लेकिन इसकी सत्यतता मैं आप लोगों के माध्यम से सबको बताना चाहता हूं कि यह कार्य पूर्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Union Minister Narendra Singh Tomar) के प्रयासों से 3 अप्रैल 2018 को इसकी अधिसूचना जारी हो चुकी है, जिसका कांग्रेस सिर्फ राजनैतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उक्त बात आज जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा एवं पूर्व साडा अध्यक्ष जयसिंह कुशवाह ने होटल तानसेन में आयोजित पत्रकारवार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।  

उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत चंबल से ग्वालियर पानी लाने का प्रस्ताव राशि 294 करोड रूपए स्वीकृत हो चुका है, जिसका टेंडर जारी होना है। यह ग्वालियर की महत्वाकांक्षी योजना है। इसी प्रकार मेट्रो पॉलिटिन में शामिल होने से मेट्रो टेऊन और सिटी बसों का भी संचालन होना है। कांग्रेस पार्टी की सरकार द्वारा ग्वालियर के प्राधिकरणों को भी भंग करने का षडयंत्र किया जा रहा है। झूठा श्रेय लेने का प्रयास ग्वालियर जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। 

उन्होंने कहा कि ग्वालियर की तीसरी महत्वकांक्षी योजना रोप-वे, जो भाजपा के प्रयासों से शुरू हुई थी, सिंधिया ने सरकार के आते ही ये योजना बंद करवा दी। भारत सरकार के पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने रोप-वे की परमीशन दी और मनमोहन सरकार में मंत्री शैलजा को स्वयं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था, जिसे सिंधिया ने रूकवाया। आठ माह से काम रूका हुआ है, ग्वालियर पर्यटन क्षेत्र के नक्शे पर स्थापित करने में रोप-वे मील का पत्थर साबित होता। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में जिला महामंत्रीगण कमल माखीजानी, शरद गौतम, महेश उमरैया, सभापति राकेश माहौर, उपाध्यक्षगण रामेश्वर भदौरिया, अशोक जादौन मौजूद थे।