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MP NEWS : फीस नहीं भरी तो छात्रों और अभिभावक का चरित्र खराब लिखकर स्कूल ने TC दी

पन्ना। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (Right to Education Act) के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे बच्चों को प्राइवेट स्कूल ज्ञानांजली विद्यालय (Gyanjali Vidyalaya) में प्रवेश दिलाया गया था। सरकारी योजना के अनुसार इन बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा (Free education) मिलना चाहिए किंत़ु स्कूल प्रबंधन द्वारा इनसे फीस वसूली के लिए दबाव बनाया जाता रहा और वसूली भी की गई किंतु जब इनके अभिभावकों ने शुल्क देने में असमर्थतता जाहिर की तो विद्यालय द्वारा कक्षा चौथी में पढने वाले 10 साल के इन जुड़वा भाईयों को दी गई टीसी में दोनों विद्यार्थियो के साथ उनके माता-पिता का चरित्र खराब दर्ज कर दिया गया। 

मामले ने तूल पकड़ा और यह कलेक्टर तक पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुये जिला कलेक्टर के निर्देश पर आज दूसरे दिन शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों तथा तहसीलदार ने विद्यालय में पहुंच कर पीडि़त बच्चों को दूसरी टीसी दिलायी। ज्ञानांजली विद्यालय के संबंध में सामने आयी इस बड़े मामले पर उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गयी है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गरीबी रेखा के जीवन यापन कर रहे फूल सिंह यादव (Phool Singh Yadav) के जुड़वा पुत्रों का नि:शुल्क शिक्षा के तहत विद्यालय में प्रवेश हुआ था बच्चों के माता-पिता का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा नि:शुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश होने के बावजूद उनसे शुल्क की मांग की जा रही थी तथा इसके लिये उन पर तथा उनके बच्चो पर दबाव बनाया जा रहा था। 

बच्चों के साथ स्कूल में हो रहे दुर्व्यवहार से परेशान होकर उन्होने अपने दोनों बच्चो की टीसी की मांग की जिसे देने से पहले माना किया गया और बार-बार चक्कर काटने के बाद बीते दिवस विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा विवाद करते हुये टीसी दी गयी। टीसी लेकर वह जब अपने बच्चो को सरकारी स्कूल में कक्षा पांचवी में प्रवेश दिलाने के लिये गये तो टीसी में बच्चो का चरित्र खराब होने तथा अभिभावको का आचरण खराब होना लिखा पाया गया । इसके चलते सरकारी स्कूल में उनके बच्चों को प्रवेश देने में असमर्थता जतायी गयी।

कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिये

बच्चों के पिता ने कलेक्टर को इस संबंध में शिकायत की, जिसके बाद कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिये। इसके साथ ही साथ पन्ना तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी को भी इस संबंध में पृथक से जांच करने के लिये निर्देशित किया गया। जिसके बाद डीपीसी विष्णु त्रिपाठी ने तत्काल ही विद्यालय पहुंच कर पूरे मामले की जानकारी प्राप्त की। मामले सही पाये जाने पर डीपीसी द्वारा पूरे प्रकरण की स्थिति की जानकारी कलेक्टर को दी गयी। आज सुबह साढ़े दस बजे जिला शिक्षा अधिकारी कमल सिंह कुशवाहा, तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी, जिला शिक्षा केन्द्र के समन्वयक विष्णु त्रिपाठी तथा जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य आर.पी.भटनागर, उत्कृष्ट विद्यालय पन्ना की प्राचार्य श्रीमती निशा जैन सहित पूरा दल पहुंच गया और उसके द्वारा पूरे मामले को लेकर विद्यालय प्रबंधन से पूछ-तांछ की गयी। अधिकारियो द्वारा बच्चों के पिता को बुला कर उनके दोनों बच्चो की टीसी में सुधार करवा कर दिलवायी गयी साथ ही साथ बच्चो के पिता के बयान दर्ज किये गये।