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खबर का असर: भोपाल में पूर्व विधायक के खिलाफ मामला दर्ज | BHOPAL NEWS

भोपाल। अंतत: नगर निगम ने पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करवा ही दिया। पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह ने अतिक्रमण विरोधी मुहिम के खिलाफ ना केवल नगर निगम कार्यालय की तालाबंदी कर दी थी परंतु धमकी दी थी कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी तो वल्लभ भवन में ताला लगा दूंगा। भोपाल समाचार ने प्रश्न किया था कि जब इंदौर में आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज किया गया था तो भोपाल में पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह के खिलाफ नरम रुख क्यों अपनाया जा रहा है। 

बता दें कि पूर्व विधायक ने 2 जुलाई को घेराव के बाद निगम मुख्यालय पर ताला जड़ दिया था। जिस दिन यह प्रदर्शन हुआ था, निगमायुक्त बी विजय दत्ता अवकाश पर थे। लौट कर आने के बाद उन्होंने निगम अधिकारियों से कहा कि आगे से यदि ऐसा हुआ तो एफआईआर कराएंगे लेकिन जब भोपाल समाचार पर उपस्थित हुआ प्रश्न सोशल मीडिया पर गूंजा तो शनिवार को निगमकर्मी चिमनलाल कल्याणी ने टीटी नगर थाने में सिंह के खिलाफ धारा 147 और 341 के तहत एफआईआर दर्ज कराई। भाजपा कार्यकर्ता हेमराज यादव को भी आरोपी बनाया गया है। यह है वो पोस्ट जिसके बाद एफआईआर हुई
INDORE में विधायक को जेल भिजवा दिया था, BHOPAL में पूर्व विधायक से आंख तक नहीं मिला पाते

नगर निगम स्टोर से गुमठियां लुटवा चुके हैं

सुरेंद्रनाथ के खिलाफ अक्टूबर में विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन का मामला भी दर्ज हुआ था। उस समय वे भाजपा के प्रत्याशी भी थे। सिंह के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा के दो अन्य मामले भी दर्ज हैं। सिंह ने विधायक रहते हुए निगम के स्टोर से गुमठियां लुटवा दी थीं, लेकिन उस समय निगम प्रशासन ने एफआईआर दर्ज नहीं कराई थी। 

अब लोकतांत्रिक प्रदर्शन करेंगे सुरेंद्रनाथ सिंह

पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह ने कहा कि गुमठी और ठेले वालों के साथ वे रविवार को प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन शाम छह बजे रोशनपुरा से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि वे उसी समय तय करेंगे कि सीएम हाउस का घेराव करना है या राजभवन जाना है। उन्होंने कहा कि बिना व्यवस्थापन के गुमठियां जब्त करने पर वे कलेक्टर तरुण पिथोड़े और निगमायुक्त बी विजय दत्ता के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा पेश करेंगे। बता दें कि इससे पहले तक पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह हिंसक कार्रवाईयों की धमकियां देते रहते थे। गुमठियों के मामले में पहली बार उन्होंने लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।