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NARSINGHPUR NEWS: दक्षता परीक्षा में 30% से ज्यादा वाले शिक्षकों के नाम भी जोड़ दिए

नरसिंहपुर। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का शिक्षकों और अध्यापकों को प्रताड़ित करने का एक और कारनामा सामने आया है। नरसिंहपुर जिले के करेली तेंदूखेड़ा आसपास के क्षेत्र के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी में कार्यरत शिक्षकों ने बताया है कि हाई स्कूल परीक्षा में 0 से 30 प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने वाले हाई स्कूल के शिक्षकों की शासन द्वारा 12 जून को दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। 

मगर कई जिलों की भांति नरसिंहपुर जिले में भी जिन शिक्षकों के हाईस्कूल परीक्षा के परिणाम 30 प्रतिशत से कहीं ज्यादा आये हैं उनके नाम भी कमजोर परीक्षा परिणाम वाली सूची में डाल दिए गए हैं और जिनके वास्तविक रूप से 30 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम आया है ऐसे अनेकों शिक्षकों अध्यापकों को सूची से छोड़ दिया गया है। विभागीय अधिकारियों का तुगलकी फरमान के द्वारा शिक्षकों का अपमान करने के लिए मांगे ही आदेश दे दिया कि आप परीक्षा में पुस्तक ले जा सकते हैं जबकि शिक्षक संगठनों का कहना है कि पुस्तक ले जाने वाला आदेश सुनियोजित सोच केे चलते शिक्षकों को बदनाम करने की साजिश की सोच के चलते जारी किया गया है। 

वे पुस्तक लेेेकर परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सकते हैं, ऐसा तो उन्होंने कभी विद्यार्थी जीवन मेंं भी नहीं सोचा। सत्य प्रकाश त्यागी जिला अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी संस्था नरसिंहपुर ने सूची की सूक्ष्मता से जांच कर जिले के संकुल प्राचार्य से प्रमाणित कराकर ही शून्य से 30 प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने वाले शिक्षकों को ही विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा में सम्मिलित कराने की बात कही है। मजे की बात तो यह है कि अभी तक विभाग ने स्कूल के प्राचार्य से हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम की विषयवार जानकारी भी नहीं ली है तो फिर परीक्षा देने वाली शिक्षकों की सूची किस आधार पर बनाई गई है यह समझ से परे है। 

जिले के नवनियुक्त शिक्षकों और हाई स्कूल कक्षा पढ़ने वाले मिडिल स्कूल के केचमेंट एरिया वाले शिक्षकों का कहना है कि मनगढ़ंत सूची के आधार पर परीक्षा लेना शिक्षक विरोधी मानसिकता के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए जिले के उच्चाधिकारियों को तत्काल ध्यान देना चाहिए।