JYOTIRADITYA SCINDIA ने अपने दादा जीवाजीराव सिंधिया को नमन नहीं किया
       
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JYOTIRADITYA SCINDIA ने अपने दादा जीवाजीराव सिंधिया को नमन नहीं किया

भोपाल। ग्वालियर रियासत के सिंधिया राजवंश के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने दादाजी जीवाजीराव सिंधिया (GEORGE JIVAJIRAO SCINDIA) को आज नमन तक नहीं किया जबकि आज 26 जून को ग्वालियर रियासत के अंतिम महाराजा स्व. जीवाजीराव सिंधिया की जयंती थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्वीटर अकाउंट पर जॉर्ज जिवाजीराव के लिए 2 शब्द तक नहीं हैं। ना ही सोशल मीडिया पर कहीं कोई ऐसी जानकारी भी मिल रही है कि जॉर्ज जिवाजीराव के लिए कहीं कोई आयोजन हुआ हो जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हुए हों। 

वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे ने गर्व के साथ याद किया

जॉर्ज जिवाजीराव सिंधिया को भले ही उनके कुलदीपक ने नमन ना किया हो परंतु उनकी दोनों बेटियों ने अपने पिता को ना केवल याद किया बल्कि गर्व के साथ उनका उल्लेख भी किया। वसुंधरा राजे ने लिखा 'कर्मशीलता के प्रतीक, मेरे पिता - मेरे प्रेरणापुंज महाराजा श्री जीवाजीराव सिंधिया जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। आपने हमेशा कड़ी मेहनत, सच्चाई, ईमानदारी व समर्पण भाव से जीवन जीने व आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आपका आदर्श जीवन ही मेरी सबसे बड़ी सीख है।' और यशोधरा राजे ने लिखा 'मै आदरणीय पिता महाराज श्रीमंत जीवाजीराव सिंधिया की जयंती पर उन्हें सादर नमन करती हूँ।। आपकी दूरदृष्टि विकासशील सोच और कल्याणकारी कार्य सदैव मुझे एवं जनमानस को प्रेरणा देते रहेंगे।।'

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केवल सुभाष यादव को नमन किया

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीटर अकाउंट पर स्व. सुभाष यादव के लिए 'नमन' लिखा। 'निमाड़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, सहकारिता जगत के दिग्गज, मप्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सुभाष यादव जी की पुण्यतिथि पर उन्हें मेरा शत शत नमन।' इसके अलावा इंदौर में भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा सरकारी कर्मचारी को पीटने की घटना की निंदा भी की। 

जॉर्ज जिवाजीराव सिंधिया का जन्म: 26 जून 1916 को ग्‍वालियर में हुआ था। वो ग्वालियर रियासत के अंतिम महाराजा थे। उनके जीवनकाल में ही भारत को स्वतंत्रता मिली एवं उन्होंने ही ग्वालियर रियासत के भारत संघ में विलय की संधि पर हस्ताक्षर किए थे। जॉर्ज जिवाजीराव सिंधिया की पत्नी स्व. विजयाराजे सिंधिया को राजमाता सिंधिया के नाम से पहचाना जाता है। वो भाजपा की संस्थापक सदस्य थीं एवं स्वतंत्र भारत की राजनीति में कदम रखने वालीं सिंधिया राजवंश की पहली सदस्य थीं। कांग्रेस के दिग्गज नेता स्व. माधवराव सिंधिया को राजनीति में लाने का श्रेय भी राजमाता सिंधिया को जाता है। उनकी 2 बेटियां वसुंधरा राजे राजस्थान में और यशोधरा राजे मध्यप्रदेश में भाजपा की नेता हैं।