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UCO BANK के चेक का क्लोन तैयार कर निकाले रूपये | JABALPUR NEWS

जबलपुर। अधारताल क्षेत्र में रहने वाले दो वृद्घ के JNKVV स्थित यूको बैंक (UCO Bank) के खाते से चेक का क्लोन बनाकर आरोपित ने हजारों रुपए ट्रांसफर कर लिए। जब रुपए ट्रांसफर होने का मैसेज दोनों के पास पहुंचा, तो मामले की जानकारी बैंक और पुलिस को दी गई। सूचना पर दोनों की ट्रांसफर हुई पैमेंट को रुकवाया दिया गया। 

जयप्रकाश नगर निवासी प्रभुदयाल पाण्डे (Prabhudayal Pandey) 81 का बचत खाता यूको बैंक JNKVV में है। खाता प्रभुदयाल और उनके बेटे आशीष पाण्डे (ASHISH PANDEY) के नाम से है। 18 अप्रैल की शाम 5.45 बजे आशीष के मोबाइल पर मैसेज आया कि खाते से 95 हजार रुपए निकाले गए हैं। मैसेज देखकर आशीष बैंक पहुंचा, तो बताया कि चेक क्रमांक 029948 से 17 अप्रैल को रुपए निकाले गए है। जिसका चेक का ब्योरा बैंक ने दिया। जब चेक बुक देखी तो उस नंबर का चेक प्रभुदयाल के पास ही था। यह देखकर वह दंग रह गए और फिर 20 अप्रैल की दोपहर बैंक पहुंचे। जहां बैंक अधिकारी ने बताया कि खाते से अचिन गुप्ता नाम से कोटक महेन्द्रा बैंक लिमिटेड जबलपुर ब्रांच से चेक का क्लोन बनाकर रुपए निकाले गए हैं। प्रभुदयाल ने पुलिस को शिकायत में बताया कि बैंक कर्मचारी ने ट्रांजेक्शन कम्प्यूटर प्रिंट नहीं दिया। साथ ही चेक जारीकर्ता के हस्ताक्षर का मिलान किए बगैर चेक पास कर दिया। शिकायत पर आरोपित डावर कॉलोनी पीरबाबा नूरवाला के पास पानीपल न्यू दिल्ली अचित गुप्ता पर मामला दर्ज कर प्रकरण को जांच में लिया है।

दूसरा मामला

अधारताल न्यू रामनगर पी 5 में रहने वाली शांता पिल्ले 71 ने शिकायत दर्ज कराई कि उनका खाता यूको बैंक जेएनकेविवि में है। 17 अप्रैल की रात पौने 9 बजे उनके मोबाइल पर 96 हजार 985 रुपए निकलने का मैसेज आया। जब उन्होंने बैंक में जाकर पूछा, तो पता चला कि चेक क्रमांक 20640 से रुपए निकाले गए है। जब उन्होंने चेकबुक देखी, तो उस नंबर का चेक उनके पास ही था। जांच में पता चला कि उत्तरप्रदेश गाजियाबाद शिबबानपुरा निवासी सुनील कुमार ने शांता पिल्ले के चेक का क्लोन बनाकर धोखाधड़ी की है। आरोपित पर मामला दर्ज कर प्रकरण को जांच में लिया गया है।

पैमेंट रुकवाई, रिजर्व बैंक करेगा जांच

अधारताल टीआई योगेश तोमर ने बताया कि मैसेज मिलने के बाद बैंक से जानकारी मिली। इसके बाद दोनों खातों से ट्रांसफर हुई पैमेंट को रुकवा दिया गया है। इस मामले में बैंक अधिकारियों से भी बात हुई वे खुद आश्चर्यचकित हैं कि यह क्लोन किस तरह से बनाया गया है। वहीं मामले की जांच के लिए चेक के क्लोन रिजर्व बैंक भेजे जा रहे हैं।