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TI ML CHOUHAN को बचाने हर आखरी कोशिश की जा रही है | INDORE NEWS

इंदौर। चर्चित सन्नी आत्महत्या मामले (Snnai suicide Case) में मजिस्ट्रियल जांच की आड़ लेकर टीआई-एएसआई और सिपाहियों को बचाने में जुटे अफसर अपनी जांच में उलझ गए हैं। सीआईडी (CID) आईजी (IG) ने कार्रवाई करने का बोलकर केस डायरी लौटा दी है। सीएसपी (CSP) ने कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की है। अफसर अब विभागीय जांच (DE) का बहाना बनाकर दोषियों को बचाने की कोशिश में लगे हैं।   

यह है मामला 

दिसंबर 2017 में 20 वर्षीय सन्नी उर्फ डोबा अलावा निवासी मूसाखेड़ी ने कनाड़िया थाने की हवालात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सन्नी को हत्या के मामले में पूछताछ के लिए लाया गया था। पुलिस का कहना है कि उसने कंबल की चिंदियों का फंदा बनाया और नल से लटककर जान दे दी। अभी तक यह मामला जांच के नाम पर दबा हुआ था। पुलिस मजिस्ट्रेट कला भंवरकर की रिपोर्ट को दबाकर बैठी हुई थी। रिपोर्ट में तत्कालीन टीआई एमएल चौहान ( TI ML Chauhan) सहित चार पुलिसकर्मियों को दोषी बताया गया था। एसएसपी रुचि वर्धन (SSP RUCHI VARDHAN) ने सीआईडी से अभिमत लेने के लिए केस डायरी भोपाल मुख्यालय भेज दी, लेकिन आईजी ने यह कहते हुए डायरी लौटा दी कि विधि अनुसार कार्रवाई की जाए। अफसरों ने दोषियों को बचाने का रास्ता ढूंढा और विजय नगर सीएसपी से अभिमत मांगा। सीएसपी ने एएसपी शैलेंद्र सिंह चौहान (ASP Shailendra Singh Chauhan) को एक पत्र भेजा और कहा कि घटना में टीआई एमएल चौहान, एएसआई भावसार, हेड कांस्टेबल संतोष व संतरी (ASI Bhavsar Head Constable Santosh and Santry) दोषी हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए। इस रिपोर्ट ने अफसरों की उलझन बढ़ा दी है।

अभी तक अफसर मजिस्ट्रेट रिपोर्ट का हवाला देकर मामले को दबा रहे थे। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट स्पष्ट नहीं है। उसमें लिखा गया कि 'सन्नी की मौत पुलिस प्रताड़ना से हुई है। उसकी मौत आत्महत्या प्रतीत नहीं होती है'। अफसर चाहते हैं कि मामले की विभागीय जांच यानी डीई करवाकर दोषियों को बचा लिया जाए, लेकिन सीएसपी की रिपोर्ट के बाद केस दर्ज करने की स्थिति बन गई है। एसपी (पूर्वी) मो. यूसुफ कुरैशी के मुताबिक डायरी का परीक्षण करवाया जा रहा है।

पीट रहे थे पुलिसकर्मी

सन्नी को जितेंद्र नामक युवक की हत्या के मामले में पकड़ा था। पुलिस का दावा है कि आरोपित निप्पी और रवि (Nippy and Ravi) ने सन्नाी का नाम कबूला था। एक आरोपित ने कोर्ट (court) में भी धारा 164 के तहत बयान दर्ज करवा दिए थे। पुलिस सन्नाी से हत्या के कारणों के बारे में पूछताछ कर रही थी। उसकी बहन ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उसे बेरहमी से पीट रहे थे।