PM MODI की सभा के लिए पंडाल का किराया 25 लाख, मंच पर 4 एसी | GWALIOR MP NEWS

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PM MODI की सभा के लिए पंडाल का किराया 25 लाख, मंच पर 4 एसी | GWALIOR MP NEWS

ग्वालियर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी सभा के लिए मेला ग्राउंड में डोम (पंडाल) तैयार किया जा रहा है। इस डोम का किराया करीब 25 लाख रुपए है। 125 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार वाली आंधी भी न इसे हिला सकेगी और न ही आग इसे जला सकेगी। इसे खड़ा (तैयार) करने में 3 दिन का समय लगता है वहीं हटाने में डेढ़ दिन लग जाता है। यह डोम अधिकतर राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में जाते हैं। डोम के मालिक नरेन्द्र सिंह जग्गी बताते हैं कि राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के 40 कार्यक्रमों में इसे लगा चुके हैं।

जग्गी बताते हैं कि यह उनका पुश्तैनी काम है, पिता से विरासत में मिला था। वर्ष 2000 में डोम लगाने का काम शुरू किया था। अब पूरे देश में डोम की पहचान बन गई है। डोम की दो विशेष खासियत हैं, पहली 125 किमी प्रतिघंटा रफ्तार वाली आंधी भी इसे हिला नहीं सकती और दूसरी इसमें आग भी नहीं लगती। अगर कोई आग लगाता है तो उसकी गति बहुत कम होती है, जिससे आसानी से उस पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने बताया डोम का किराया 25 लाख है। उड़ीसा और असम सरकारों के कार्यक्रम में भी डोम किराए पर जाता है। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के 40 कार्यक्रम डोम में किए जा चुके हैं। विधानसभा चुनाव के समय भी उनका ही डोम ग्वालियर में लगा था। उस वक्त सर्दी का समय होने की वजह से पूरा डोम नहीं लगाना पड़ा था, डी आकार का हिस्सा ही तैयार किया गया था। इस बार गर्मी होने से पूरे हिस्से में डोम लगाया गया है।

डोम के अंदर ये रहेगा खास
- मंच पर चार एसी लगाए गए हैं। मंच की लाइट जनरेटर से होगी और जहां भीड़ बैठेगी वहां बिजली आपूर्ति के लिए कंपनी से कनेक्शन लिया गया है।
- डोम में बैठे लोगों को गर्मी न सताये इसके लिए 50 बड़े कूलर और 100 पंखे लगाए जाएंगे। एक कूलर का किराया लगभग 1 हजार रुपए दिया गया है।
- डोम के अंदर 30 हजार कुर्सियां डाली जाएंगी। खुले में लोगों के खड़े होने की व्यवस्था भी की गई है।
- 5 मई को सभा स्थल पर 4 बजे से लोगों को लाना शुरू कर दिया जाएगा।

विधानसभा चुनाव के तुलाना में छोटा है मंच
-विधानसभा चुनाव के दौरान मेला ग्राउंड पर प्रधानमंत्री की रैली हुई थी। ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी उम्मीदवारों की मंच पर बैठने की व्यवस्था की गई थी। इस वजह से मंच काफी बड़ा था, लेकिन लोकसभा चुनाव में कम उम्मीदवार हैं, इसलिए इस बार मंच छोटा बनाया गया है। तीन प्रत्याशी सहित कुछ बड़े नेता ही मंच पर बैठेंगे।