आदमखोर कुत्तों का शिकार हुई फिर एक मासूम | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। ग्वालियर घर के बाहर खेल रही चार साल की बच्ची पर पड़ाेसी के कुत्ते ने अचानक हमला बाेल दिया। मासूम बच्ची ने उससे बचने के लिए चीख-पुकार मचाई। उसकी चीख सुन परिवार के सदस्य और आसपास के लाेग बच्ची काे बचाने दाैड़े ताे कुत्ता उन पर भी झपट पड़ा। 

घटना मुरार के हाथीखाना क्षेत्र में कलारी के पास हुई। कुत्ते का हमला (Dog attack) इतना आक्रामक था कि वह बच्ची काे घटनास्थल से करीब 100 फीट तक घसीटते ले गया। परिवार के सदस्याें काे बच्ची काे कुत्ते के चंगुल से छुड़ाने में करीब पंद्रह मिनट तक संघर्ष करना पड़ा। इस दाैरान कुत्ते ने बच्ची के शरीर काे कई जगह इस कदर नाेंच डाला कि उसके पेट के हिस्से से मांस बाहर आ गया। इसके साथ गले पर भी गंभीर घाव हाे गए। घर वाले उसे गंभीर अवस्था में बिड़ला अस्पातल ले गए, जहां चार घंटे तक डाॅक्टराें ने उसे बचाने की काेशिश की लेकिन रात 12 बजे करीब उसने दम ताेड़ दिया। 

हाथीखाना कलारी के पास रहने वाले ओमप्रकाश जाटव की बेटी राेशनी (4) रात आठ बजे अपने घर के बाहर अकेली खेल रही थी। इसी दाैरान पड़ाेस में रहने वाले हीरालाल जाटव के कुत्ते ने अचानक उस पर हमला बाेल दिया। कुत्ते ने पहले बच्ची के गले पर झपट्टा मारा, इसके बाद उसे घसीटते हुए ले भागा। इस दाैरान पड़ाेसियाें की नजर उस पर पड़ी ताे वे उसे बचाने दाैड़े। शाेर सुनकर बच्ची के घरवाले भी बाहर निकले और उसे बचाने दाैड़े। काफी मशक्कत के बाद वे बच्ची काे छुड़ा पाए लेकिन इस बीच बच्ची बेहाेश हाे चुकी थी। वे उसे उसी हाल में लेकर अस्पताल पहुंचे। बच्ची की हालत देख बिड़ला अस्पताल का स्टाॅफ और डाॅक्टर भी सकते में आ गए। उन्हाेंने बच्ची काे आईसीयू में रख उपचार शुरू किया। बच्ची काे करीब आधा घंटे वेंटीलेटर पर भी रखा गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। देर रात बच्ची की मौत हो गई। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भोपाल में ऐसे ही एक हादसे में छह साल के मासूम को कुत्तों ने नोंच-नोंचकर मार डाला था।