अब मोदी के मंच से पाकिस्तान पर दहाड़ेंगा पंजाब का शेर, सनी देओल ने भाजपा ज्वाइन कर ली | NATIONAL NEWS

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अब मोदी के मंच से पाकिस्तान पर दहाड़ेंगा पंजाब का शेर, सनी देओल ने भाजपा ज्वाइन कर ली | NATIONAL NEWS


नई दिल्ली। इंडियन और बॉर्डर जैसी फिल्मों में पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ सबसे लोकप्रिय डायलॉग देने वाले बॉलीवुड स्टार सनी देओल ने भाजपा ज्वाइन कर ली है। उन्होंने कहा कि मेरे पिता धर्मेंद्र अटलजी के लिए काम करते थे। अब मैं मोदीजी के लिए काम करूंगा। 

उन्होंने कहा, "जिस तरह मेरे पिता इस पार्टी से जुड़े हैं, उसी तरह मैं मोदीजी से जुड़ने आया हूं। मैं चाहता हूं कि अगले पांच साल भी मोदीजी रहें। मैं काम करके दिखाऊंगा। उन्हें पंजाब के गुरदासपुर सीट से टिकट दिया जा सकता है। सनी देओल ने तीन दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी। उस वक्त से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि सनी देओल जल्द भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

गुरदासपुर सीट क्यों है खास?

पंजाब में भारतीय जनता पार्टी अकाली दल के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है। यहां की 13 लोकसभा सीटों में से भाजपा को गुरदासपुर, अमृतसर और होशियारपुर से उम्मीदवार खड़े करने हैं। बाकी की सीटों पर अकाली दल अपने प्रत्याशी उतारेगा। ऐसे में यहां की इन तीन सीटों पर सबकी नजर लगी हुई थी। भाजपा ने रविवार को अमृसर से हरदीप पुरी के नाम की घोषणा तो की लेकिन होशियारपुर और गुरदासपुर सीट से किसी प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गई है। 

2014 में गुरदासपुर सीट से जीते थे विनोद खन्ना

ये सीट विनोद खन्ना के निधन के बाद खाली हुई है। पिछले साल 27 अप्रैल को विनोद खन्ना का निधन हो गया था। उनकी पत्नी कविता का नाम भी इस सीट से चर्चा में है। विनोद खन्ना 1997 में भाजपा में शामिल हुए। 1998 में गुरदासपुर से पहली बार चुनाव लड़ा और जीते भी। 1999 और 2004 के चुनावों में बी विनोद खन्ना को जीत हासिल हुई। 2009 में भले उन्हें ये सीट गंवानी पड़ी हो लेकिन 2014 की मोदी लहर में एक बार फिर विनोद खन्ना गुरदासपुर से सांसद बने।

2011 की जनगणना के मुताबिक, गुरदासपुर जिला पंजाब के सभी जिलों में तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला जिला है। यहां की 31 फीसदी आबादी शहरी इलाके में बसती है। यहां की जनसंख्या 22 लाख से ज्यादा है और साक्षरता दर 79 फीसदी से ज्यादा है। इस जिले की स्थापना 17वीं शताब्दी में गुरिया जी ने की थी तभी इसका नाम गुरदासपुर पड़ा।