बिजली संकट: राजधानी में ट्रिपिंग जारी, सरकार फूल छाप कर्मचारी नहीं तलाश पाई | BHOPAL NEWS

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बिजली संकट: राजधानी में ट्रिपिंग जारी, सरकार फूल छाप कर्मचारी नहीं तलाश पाई | BHOPAL NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी बिजली गुल हो रही है। 24 घंटे में से एक भी घंटा ऐसा नहीं जब पूरे भोपाल में लाइट हो। कहीं ना कहीं ट्रिपिंग हो ही रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि दिग्विजय सिंह के प्रत्याशी होने के बावजूद कांग्रसे भोपाल में फूल छाप बिजली कर्मचारी तलाश नहीं पाई। 

लेकिन सरकार ने एक भी अधिकारी, कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की है। दो दिन से शहर के साकेत नगर क्षेत्र में बार-बार बिजली सप्लाई ठप हो रही है। बुधवार रात को साकेत नगर के 2बी व 9बी सेक्टर में दो बार बिजली गुल हुई। दूसरी बार गुल हुई सप्लाई 45 मिनट बाद बाहल हुई। इसके अलावा भी शहर के कुछ क्षेत्रों में ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है।

शहर के इन क्षेत्रों में ट्रिपिंग

अशोका गार्डनः सुबह 10.30 बजे से 11 बजे के बीच ट्रिपिंग हुई।
साकेत नगर 2बी सेक्टरः दो दिन से रात में बिजली गुल हो रही है। यही स्थिति 9बी सेक्टर में है। यहां पर बुधवार रात को करीब एक घंटे सप्लाई बंद रही। ट्रिपिंग भी हो रही है।
अयोध्या नगरः सेक्टर-एफ में गुरुवार दोपहर 2 बजे सप्लाई बंद हुई। बुधवार को भी यही स्थिति थी।
अवधपुरीः चौबीस घंटे में 2 से 3 बार ट्रिपिंग हो रही है।
शाहपुराः भरत नगर क्षेत्र में बुधवार रात 10.30 बजे के आसपास सप्लाई बंद हुई।
मिनाल क्षेत्रः भवानी धाम फेस-1 में ट्रिपिंग की समस्या आ रही है।
नोट- बिजली गुल व ट्रिपिंग से जुड़ी ये जानकारी संबंधित क्षेत्रों के रहवासियों के आधार पर है।

बिजली उपकरणों से आग लगने का खतरा, आए दिन निकल रही चिंगारी

शहर में बिजली उपकरणों की स्थिति बहुत खराब है। आए दिन उपकरणों से चिंगारी निकल रही है। गुरुवार को ईदगाह हिल्स के प्रभु नगर क्षेत्र में एक खंबे पर लगी डीपी में आग लग गई। देखते ही देखते चिंगारियां निकलने लगीं। घटना सुबह 6 बजे की है। तब लोग टहलने निकले थे। जैसे ही लोगों ने खंभे पर आग लगी देखी तो पहले तुरंत खंभे के नीचे खड़े वाहनों को हटाया गया। कंपनी के अधिकारियों को शिकायत की। तब तक आग खुद ही बूझ गई थी। बता दें कि हाल ही में पुराने भोपाल में बिजली उपकरण से निकली चिंगारी के कारण आग लगी थी। इसमें जानमाल का काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद भी बिजली कंपनी के जिम्मेदार अफसर अव्यवस्थित उपकरणों की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।