सुनो सुनो सुनो, सपाक्स पार्टी भी चुनाव लड़ रही है, 8 प्रत्याशी मैदान में हैं | MP NEWS

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सुनो सुनो सुनो, सपाक्स पार्टी भी चुनाव लड़ रही है, 8 प्रत्याशी मैदान में हैं | MP NEWS


भोपाल। सपाक्स पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अफसर हीरालाल त्रिवेदी ने 'सपाक्स' का बंटाढार कर दिया। 'सपाक्स' में एक ज्वाला थी अब तिलमिलाती बाती भी नजर नहीं आती। विधानसभा चुनाव से पहले बड़े बड़े ऐलान किए थे, लेकिन मैदान में कुछ नजर नहीं आया। कर्मचारियों ने ही वोट नहीं दिए। लोकसभा से पहले कहा था कि विधानसभा से सबक ले लिया है लेकिन फिर गायब हो गए। आज पता चला रहा है ​कि सपाक्स पार्टी के प्रत्याशी भी मैदान में हैं। प्रदेश की 29 में से 8 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। 

भोपाल लोकसभा सीट से पार्टी की उपाध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अफसर वीणा घाणेकर को चुनाव मैदान में उतारा गया है। घाणेकर ने नामांकन भी दाखिल कर दिया है और वे झूला चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगी। पहले भोपाल सीट से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अफसर हीरालाल त्रिवेदी मैदान में उतरने वाले थे लेकिन शायद हिम्मत नहीं जुटा पाए। बताया जा रहा है कि पार्टी ने मप्र की आठ अन्य सीटों से प्रत्याशी उतार दिए हैं। अब मैदानी कार्यकर्ताओं को प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

ये रहा त्रिवेदी का बहाना
सपाक्स ने नामांकन दाखिल होने की आखिरी तारीख से ठीक पहले भोपाल सीट से वीणा घाणेकर को चुनाव में उतारा है। इस सीट से त्रिवेदी ने उतरने का दावा किया गया था, लेकिन वे फिलहाल चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। त्रिवेदी ने बताया कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मैदान में उतारती, तो मैं मैदान में उतरता। पार्टी ने पहले से ही तय किया था कि पूर्व मुख्यमंत्री चौहान जहां से मैदान में उतरेंगे, वहां से मैं चुनाव लड़ूंगा। अब चौहान चुनाव नहीं लड़ रहे हैं तो इस सीट से घाणेकर को प्रत्याशी बनाया है। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान विधायक हैं एवं लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार कर चुके थे। 

त्रिवेदी सर, दिग्विजय सिंह पर गुस्सा नहीं आता क्या

श्री हीरालाल त्रिवेदी से बड़ा सवाल यह है कि क्या उन्हे दिग्विजय सिंह पर गुस्सा नहीं आता। प्रमोशन में आरक्षण का कानून तो दिग्विजय सिंह ने ही बनाया था। दिग्विजय सिंह ने ही कर्मचारियों को वेतन के लिए तरसा दिया था। दिग्विजय सिंह ने ही उचित वेतन भत्तों की मांग पूरी नहीं की थी। शिवराज सिंह ने तो वही लाइन आगे बढ़ाई थी जो दिग्विजय सिंह ने खींची थी। फिर उनके खिलाफ लड़ने की हिम्मत क्यों नहीं जुटाई। 

ये उम्मीदवार लड़ रहे हैं चुनाव
पार्टी इससे पहले मंडला से रामसिंह परस्ते, सीधी से रामाधार गुप्ता, टीकमगढ़ से श्रीराम नागर, सतना से शशांक सिंह बघेल, दमोह से रिचा चौबे, रीवा से शकुंतला मिश्रा, होशंगाबाद से देवेंद्र शर्मा और राजगढ़ से संजय गुप्ता को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।