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बरकतउल्ला विश्वविद्यालय: 1 लाख छात्रों को परेशान करने वाली खबर | BU BHOPAL NEWS

भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (Barkatullah University) से पढ़ाई कर रहे करीब 1 लाख छात्रों (Student) को परेशान करने वाली खबर है। बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीएससी होमसाइंस, बीए मैनेजमेंट कोर्स के छात्रों (Students of BA, BSc, BCom, BBA, BCA, BSc Homescience, BA Management Course) का रिजल्ट (Result) जो जून में आ जाना चाहिए था अब नवम्बर में आएगा। इसके पीछे जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन (University administration) है परंतु वो लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) को भी कारण बता रहा है। 

जून में आने वाला रिजल्ट नवम्बर में आएगा

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की गोपनीय शाखा में करीब 8 लाख से अधिक उत्तपुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए रखी हुई हैं। इसके अलावा कुछ कॉपियों के ढेर असिस्टेंट रजिस्ट्रार के चैंबर में भी लगे हुए हैं। ये कॉपियां बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीएससी होमसाइंस, बीए मैनेजमेंट कोर्स के पहले और दूसरे वर्ष की परीक्षाओं की है। कॉपियाें का मूल्यांकन समय पर शुरू होता तो रिजल्ट जून तक आ जाना था, लेकिन अब यह अक्टूबर-नवंबर तक आएगा। इसके अलावा उत्तपुस्तिका मिक्स होने और गुम होने की संभावना भी बनी हुई है। 

प्रबंधन नियम ही नहीं बना पाया

दरअसल, मूल्यांकन समय पर शुरू नहीं हो पाने का एक बड़ा कारण समय पर नियम तैयार नहीं होना बताया जा रहा है। विवि ने इसी में समय बिता दिया कि फैकल्टी को मूल्यांकन कराने के लिए आंसरशीट घर ले जाने की सुविधा देनी है या नहीं। हालांकि शनिवार को नियमों को अंतिम रूप दिया गया है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव के कारण परीक्षाएं भी देरी से शुरू हुईं। इसके चलते पूरा एकेडमिक कैलेंडर गड़बड़ा गया। 

1 लाख से अधिक छात्र होंगे परेशान 

इन परीक्षाओं के रिजल्ट 15 जून तक आ जाने चाहिए थे लेकिन, समय पर मूल्यांकन नहीं हुआ तो रिजल्ट अक्टूबर-नंबर तक ही घोषित हो सकेंगे। क्योंकि, लोकसभा चुनाव के कारण 14 जून तक तो परीक्षाएं ही चलेंगी। ऐसे में समय पर मूल्यांकन नहीं हुआ तो रिजल्ट समय पर नहीं आ सकेंगे। इन परीक्षा में लगभग एक लाख से अधिक छात्र परीक्षा दे रहे हैं। वहीं, वार्षिक पद्धति में प्रश्नपत्रों की संख्या भी अधिक है। विवि के अनुसार केंद्रीय मूल्यांकन के अलावा रेगुलर फैकल्टी को परीक्षा नियंत्रक अनुमति व नोडल सेंटर से आंसरशीट घर ले जाने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, गेस्ट फैकल्टी को भी नोडल सेंटर से आंसरशीट दी जाएगी। लेकिन, इसकी जिम्मेदारी नोडल प्रभारी की होगी। वहीं, सरकारी कॉलेजों में जनभागीदारी से नियुक्त गेस्ट फैकल्टी से मूल्यांकन नहीं कराया जाएगा।