नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव रमजान के बीच कराए जाने पर उठ रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि शुक्रवार और मुख्य त्योहारों के दिन वोटिंग नहीं रखी गई है। इससे पहले कुछ राजनीतिक पार्टियों और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने चुनाव आयोग और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। आप नेता संजय सिंह और विधायक अमानतुल्लाह खान ने कहा कि रमजान में मुस्लिम वोट कम होगा और इसका फायदा भाजपा को मिलेगा। टीएमसी नेता ने भी रमजान में मतदान का विरोध किया। वहीं, एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि रमजान के दौरान मुस्लिम बाकी सभी काम करते हैं, इसी तरह वे चुनाव में भी हिस्सा लेंगे और पवित्र महीने में ज्यादा मतदान होगा।

आयोग ने जानबूझ कर रमजान के महीने में मतदान रखा: आप
आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया, "चुनाव आयोग मतदान में हिस्सा लेने की अपील के नाम पर करोड़ों खर्च कर रहा है, लेकिन दूसरी तरफ 3 फेज का चुनाव पवित्र रमजान के महीने में रख कर मुस्लिम मतदाताओं की भागीदारी कम करने की योजना बना दी है। सभी धर्मों के त्योहारों का ध्यान रखो मुख्य चुनाव आयुक्त साहेब।'' अमानतुल्लाह ने ट्वीट किया, "12 मई का दिन होगा, दिल्ली में रमजान होगा। मुसलमान वोट कम करेगा, इसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा।''

तीन राज्यों में मुस्लिम आबादी ज्यादा- तृणमूल नेता
तृणमूल नेता और कोलकाता मेयर फिरहाद हाकिम ने कहा, चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है, हम उसका सम्मान करते हैं। हम उसके खिलाफ कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन उप्र, बिहार और बंगाल में 7 चरणों में चुनाव लोगों के लिए मुश्किल भरा होगा, खासकर उनके लिए जो रमजान के महीने में रोजा रखेंगे। इन तीन राज्यों में अल्पसंख्यकों की संख्या ज्यादा है। भाजपा नहीं चाहती कि मुस्लिम मतदान न करें। हमें चिंता नहीं है, लोग "भाजपा हटाओ, देश बचाओ' के प्रति सजग हैं।

मुसलमानों को परेशानी होगी- मौलाना खालिद रशीद फिरंगी
लखनऊ ईदगाह के इमाम और शहरकाजी मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी चुनावों की इन तारीखों पर सवाल खड़े किए। फिरंगी महली ने कहा, "चुनाव आयोग ने उप्र में 6,12 और 19 को भी वोट डालने का कहा है। जबकि 5 मई की रमजान का चांद दिख सकता है, 6 से रमजान का महीना शुरू होगा। तीनो तारीखें रमजान के महीने में पड़ेंगी जिससे मुसलमानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।'

हार के डर से अभी से बहाना ढूंढने लगा है विपक्ष- मौर्य
भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है। रही बात रमजान में वोटिंग की तो आयोग ने मतदान के लिए 8 घंटे का समय रखा है। इस बीच कभी भी जाकर मतदान किया जा सकता है। विपक्षी दल चुनाव में हार के डर से अभी से बहाने ढूंढने लगे हैं।

भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हिंदू भाई भी व्रत करते हैं, वे भी तो मतदान करते हैं। रोजा रखने वाले कई लोग ऑफिस जाते हैं, अपना काम करते हैं, यह पहला मौका नहीं है कि जब रमजान में मतदान हो रहा है। इस पर सवाल नहीं उठाने चाहिए।

यह विवाद गैर-जरूरी
ओवैसी ने कहा, यह पूरा विवाद गैर-जरूरी है। उन्होंने कहा, मैं राजनीतिक पार्टियों से अनुरोध करता हूं कि मुस्लिमों समुदाय और रमजान का इस्तेमाल न करें, भले ही आपकी कोई मजबूरी हो। मुस्लिम रमजान में रोजा जरूर रखेंगे और वे सामान्य जीवन जीते हैं, वे ऑफिस जाते हैं। यहां की गरीब से गरीब भी रमजान में रोजा रखता है। मेरा मानना है कि रमजान के पवित्र महीने में मतदान प्रतिशत बढ़ेगा।