भारत देश में आचार संहिता लागू हो गई है। इसी के साथ सभी सरकारी सेवाएं चुनाव आयोग के अधीन हो गईं हैं। कुछ नए नियम लागू हुए हैं जो आम आदमी की जिंदगी को प्रभावित करेंगे। चुनाव के दौरान ही शादी विवाह भी होंगे। आइए जानते हैं, विवाह समारोहों पर आचार संहिता का क्या प्रभाव पड़ेगा। 

अब तमाम पाबंदियों के साथ शादी ब्याह से पहले भी प्रशासन की इजाज़त ज़रूरी हो गयी है। शादी में बैंड-बाजा बजाने के लिए अब एसडीएम की इजाज़त लेना होगी। डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर बैंड-बाजे के लिए एसडीएम की परमिशन नहीं ली तो बैंड-बाजे ज़ब्त किए जा सकते हैं। यदि आप किसी पार्टी के प्रत्याशी को विवाह समारोह में आमंत्रित कर रहे हैं और वो विवाह समारोह का उपयोग वोट की अपील के लिए करता है तो वर वधु पक्ष को भी चुनाव आयोग की जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। 

विवाह समारोहों के निमंत्रण पत्र पर आप किसी पार्टी या प्रत्याशी को वोट देने की अपील नहीं कर सकते। बिना प्राधिकृत अधिकारी की अनुमति इस तरह की अपील को अवैध माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। समारोह इत्यादि के लिए यदि आप वाहनों की बुकिंग कर रहे हैं तो इसकी जानकारी निर्वाचन अधिकारी को देनी होगी। ऐसा भी संभव है कि चुनाव आयोग आपके द्वारा तय किए गए वाहनों को चुनाव कार्य हेतु अधिगृहित कर ले।