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बृहस्पति का राशि परिवर्तन: पढ़िए आपको कितना प्रभावित करेगा | JYOTISH

26 March 2019

मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़ के अनुसार जब भी बड़े ग्रह राशि परिवर्तन करते हैं, मेदनीय ज्योतिष के अनुसार लोक भविष्य में एक अद्वितीय बदलाव आता है और ऐसा ही कुछ अप्रैल 2019 के बाद होने जा रहा है। आकाश में दो बड़े ग्रह गुरु 29 मार्च की रात्रि 20.13 पर धनु राशि में और शनि महाराज 30 अप्रैल को वक्री होने जा रहे हैं। राहु 7 मार्च को 18 मास के लिए पहले ही मिथुन राशि में प्रवेश कर चुके हैं। शनि इसके बाद 18 सितंबर को मार्गी होंगे।  जब भी शनि वक्री या मार्गी होते हें, कई देशों में राजनीतिक और भौगोलिक परिवर्तन होते देखे गए हैं । चूंकि शनि आम जनता से जुड़ा ग्रह है और भारत में चुनाव भी इसी अवधि में हो रहे हैं, इसलिए इन दो ग्रहों की चाल भारत की चाल में सुखद  तेजी लाएगी।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति एक शुभ ग्रह है और इसे गुरु की संज्ञा भी दी गई है। यह धनु और मीन राशि का स्वामी होता है। कुंडली में स्थित भिन्न-भिन्न भावों पर गुरु के भिन्न-भिन्न परिणाम देखने को मिलते हैं। कुंडली में बृहस्पति के बलवान होने पर जातक को आर्थिक और वैवाहिक जीवन में अच्छे परिणाम मिलते हैं। गुरु को वृद्धि, प्रचुरता और उदारता का कारक माना जाता है।

ज्योतीषीय दृष्टि से साल 2019 में गुरु का महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिलेगा। 29 मार्च की रात्रि 20.13 पर  बृहस्पति धनु राशि में गोचर करेगा। हालांकि 22 अप्रैल 2019 को शाम 5:55 बजे वक्री चाल चलते हुए वापस वृश्चिक राशि में लौट आएगा। इसके बाद 5 नवंबर 2019 को सुबह 6 बजकर 42 मिनट पर पुनः धनु राशि में प्रवेश करेगा।

बृहस्पति ग्रह संतान, ज्ञान, धर्म व दर्शन का कारक है और शुभ ग्रह होने की वजह से उत्तम फल प्रदान करता है। गुरु ग्रह को धनु व मीन राशि का स्वामित्व प्राप्त है। यह कर्क राशि में उच्च भाव और मकर राशि में नीच भाव में रहता है। कुंडली में बृहस्पति के बलवान होने पर जातक का परिवार, समाज और हर क्षेत्र में प्रभाव रहता है। बृहस्पति के प्रभाव से जातक का मन धर्म एवं आध्यात्मिक कार्यों में अधिक लगता है। इसके अलावा जातक को करियर में उन्नति, स्वास्थ्य लाभ, मजबूत आर्थिक स्थिति, विवाह एवं संतानोत्पत्ति जैसे शुभ फल प्राप्त होते हैं।

मेष : आर्थिक क्षेत्र में सफलता मिलेगी। आमदनी बढ़ने की प्रबल संभावना रहेगी। प्रोफेशनल क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे और अध्यात्म विषय के प्रति आपकी रुचि बढ़ेगी। इस दौरान धार्मिक यात्रा पर जाना हो सकता है। उपाय: भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।

वृषभ : अष्टम भाव में आपके कार्य/व्यवसाय पर पड़ेगा। आपको मजबूरन किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है। जीवन में कई बदलाव लेकर आएगा। अाध्यात्मिक विषय पर आप विशेष रुचि ले सकते हैं।
उपाय: गुरुवार के दिन शुद्ध घी का दान करें।

मिथुन : गुरु सप्तम भाव में संचरण करेगा। इन्वेस्ट करेंगे तो उसमें आपको अच्छे रिर्टन्स मिलने की संभावना है। आप लग्जरी लाइफ़ को इन्ज्वॉय करेंगे। आप दूसरे लोगों से मधुर और प्रभावी संवाद स्थापित करेंगे।
उपाय: घर में कपूर का दीया जलाएँ।

कर्क : यदि आप लोन लेने पर विचार कर रहे हैं तो इसमें गोचर आपकी मदद करेगा। इस समय शत्रु आपके ऊपर हावी होने का प्रयास कर सकता है। इसलिए उसकी चाल से सावधान रहें। किसी कॉम्टीशन एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो प्रयासरत रहें और जमकर मेहनत करें। नौकरी मिलने की प्रबल संभावना है।
उपाय: गुरुवार के दिन केले के वृक्ष की पूजा करें।

सिंह : गुरु पंचम भाव में गोचर करेगा। इस अवधि में अध्यात्म के क्षेत्र में आप विशेष रुचि लेते हुए दिखाई देंगे। इस समय आप परिवार में किसी नन्हें सदस्य का स्वागत कर सकते हैं। वाहन अथवा प्रॉपर्टी ख़रीदने की योजना बनाएंगे। प्रोफेशनल लेवल पर ग्रोथ होगी। सामाजिक कल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उपाय: बृहस्पति बीज मंत्र का जाप करें: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:।

कन्या : परिवार में किसी प्रकार का क्लेश हो सकता है। किसी पर ज़रुरत से ज़्यादा विश्वास न करें, क्योंकि उनके द्वारा आपके विश्वास को भी तोड़ा जा सकता है। कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। लग्जरी लाइफ से आपका मोहभंग हो सकता है।
उपाय: किसी ज़रुरतमंद या फिर ब्राह्मणों को चीनी दान करें और गाय को रोटी खिलाएँ।

तुला : विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सफलता की राह में बाधाएँ देखने को मिल सकती हैं। निवास स्थान में परिवर्तन होने की संभावना है। गोचर के दौरान आपको अाध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होगा। इससे आपको मानसिक शांति का आभास होगा और मन में भी स्थिरता देखने को मिलेगी।
उपाय: हल्दी एवं चने की दाल का दान करें और गाय को रोटी खिलाएँ।

वृश्चिक : इस दौरान आपके भाग्य का सितारा चमकेगा। आर्थिक क्षेत्र में लाभ के प्रबल योग हैं। ज़रुरत पड़ने पर आपको परिजनों का सहयोग प्राप्त होगा। घर पर कोई शुभ कार्य संपन्न हो सकता है। शादीशुदा जातकों के लिए गुरु का गोचर शुभ परिणामकारी रहेगा। आपके वैवाहिक जीवन में ख़ुशियाँ आएंगी।
उपाय: बृहस्पति बीज मंत्र का जाप करें: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:।

धनु : यह गोचर उन जातकों के लिए लाभकारी रहेगा जो अध्ययन कर रहे हैं। इसके साथ प्रेम जीवन और वैवाहिक जीवन के लिए गुरु का गोचर अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करेगा। इस समय आर्थिक मामलों में आपको किसी प्रकार की बाधा का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय: पुखराज को सोने की अगूंठी में जड़वाएं और उसे तर्जनी उंगली में पहनें।

मकर : यात्रा के योग बनेंगे। विदेश यात्रा भी संभव है। आर्थिक क्षेत्र में किसी प्रॉपर्टी में आपके द्वारा निवेश संभव है। धार्मिक आयोजनों में आपका पैसा ख़र्च हो सकता है। इस दौरान आप धर्म-कर्म में इतने अधिक व्यस्त रह सकते हैं कि विभिन्न प्रकार की भौतिक सुख-सुविधाएं आपको अपनी ओर आकर्षित नहीं कर पाएंगे। जीवनसाथी से रिश्ते मधुर होंगे।
उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं और अपनी जेब में पीले रंग का रुमाल रखें।

कुंभ : अपने प्रिय के साथ क़ीमती समय बिताने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपको लाभ मिलेगा और करियर में तरक्की होगी। स्वास्थ्य जीवन भी अच्छा रहेगा। गोचर के दौरान आपके ऊपर गुरु का आशीर्वाद बना रहेगा। इसलिए इस दौरान आपको विभिन्न क्षेत्रों में सफल परिणाम देखने को मिलेंगे।
उपाय: सुबह पीपल के वृक्ष पर शुद्ध जल चढ़ाएँ। परंतु वृक्ष को न छुएँ।

मीन : गुरु दसवें भाव में गोचर करेगा। जॉब अथवा बिजनेस के कारण निवास स्थान में बदलाव संभव है। माता जी को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। यदि उन्हें लंबे समय से दर्द की शिकायत है तो उसमें उन्हें आराम मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।
उपाय: घर पर किसी पवित्र जगह पर गुरु यंत्र को स्थापित करें और नित्य उसकी आराधना करें।
– मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़,



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