Loading...

BHOPAL: कान्हां का नौवां जन्मदिन मनाने वाले थे माता-पिता, गिरकर हुई मौत | MP NEWS

भोपाल। गांधी नगर (Gandhi Nagar) इलाके में आठ साल का मासूम 25 फीट ऊंची छत पर रखी पानी की टंकी से नीचे गिर गया। गिरने की तेज आवाज से मां-पिता को घटना का पता चला। वे उसे हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital) गए, लेकिन बच्चे को नहीं बचाया जा सका। वह परिवार का इकलौता बेटा था। दिव्यांग होने के कारण उसकी विशेष देखभाल होती थी, लेकिन घटना के समय वह परिजनों की नजरों से बचकर छत पर पहुंच गया था। घटना सोमवार शाम की है। दुख की बात यह है कि चार दिन बाद 30 मार्च को परिजन उसका नौवां जन्मदिन मनाने वाले थे। 

पुलिस के अनुसार ऋषि विला कॉलोनी गांधी नगर (Rishi Villa Colony Gandhi Nagar) में रहने वाला आठ वर्षीय कान्हा स्पेशल चाइल्ड (Special Child) था। उसके पिता हेमेंद्र शर्मा (Hemendra Sharma) हमीदिया अस्पताल में सीनियर रेडियोग्राफर, जबकि मां चित्रा शर्मा (Chitra Sharma) टीबी अस्पताल में नौकरी करती हैं। माता-पिता दोनों ही कान्हा की बहुत देखभाल करते थे। स्पेशल चाइल्ड होने के कारण उसे एक स्पेशल स्कूल में दूसरी कक्षा में भर्ती कराया गया था।

शर्मा परिवार के करीबी मित्र धनराज नागर ने बताया कि सोमवार की शाम परिजन छत पर कपड़े सूखने के बाद पहली मंजिल पर उन्हें अलमारी में रख रहे थे। इसी दौरान परिजनों की नजर बचाकर कान्हा दूसरी मंजिल पर पहुंच गया था। जहां से छत पर पानी की टंकी रखने के लिए बने पांच फीट के प्लेटफार्म पर चढ़ गया था। वहां से झांकने के दौरान वह नीचे गिर गया। उसके गिरने की आवाज सुनकर मां-पिता ने कान्हा को घर में तलाश किया, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद पिता हेमेंद्र जब छत पर गए तो उन्हें कान्हा जमीन पर प़ड़ा दिखा। उसे हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन उसने इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया।

शर्मा दंपती अपनी बड़ी बेटी और कान्हा के साथ चार माह पहले ही नए घर में रहने आए थे। हमीदिया अस्पताल में पीएम के बाद बच्चे के शव को देखकर पिता हेमेंद्र शर्मा फूट- फूटकर रोने लगे। उन्हें हमीदिया अस्पताल के साथियों ने ढांढस बंधाया।

जन्मदिन मनाने को लेकर कर रखी थी प्लानिंग

धनराज नागर ने बताया कि कान्हा ने जन्म से बहुत तकलीफ में पैदा हुआ था। मां और पिता ने उसकी देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। 30 मार्च को कान्हा का नौवां जन्मदिन था। इसे लेकर परिजनों ने प्लानिंग कर रखी थी। उसका जन्मदिन हर साल धूमधाम से मनाया जाता था।