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पत्नियों को मिला बॉस से पति की शिकायत का अधिकार | NATIONAL NEWS

भारतीय स्टेट बैंक के 'नई दिशा' कार्यक्रम के तहत बैंक कर्मचारियों की पत्नियों को यह अधिकार दिया गया है कि वो बैंक मैनेजर से उनकी शिकायत कर सकें। यदि बैंक मैनेजर की पत्नी को शिकायत करना हो तो वो सीनियर मैनेजर से कर सकतीं हैं। बैंक ने पत्नियों को एक मोबाइल कोड दिया गया, वे इसे स्कैन कर सीधे प्रबंधन से संपर्क कर सकेंगी। 

दरअसल, बात यूं है कि अक्सर पति के देरी से घर लौटते हैं और पत्नी के पूछने पर कहते हैं कि ऑफिस में बहुत काम था। यही सिचुएशन कई बार तनाव का कारण बन जाती है और कभी कभी तलाक का भी। बैंक में देर तक काम के बहाने कई बार पति लोग प्राइवेट लाइफ भी इंजॉय कर लेते हैं। परिवार में कलह होती है तो इसका असर कर्मचारी की प्रोफेशनल लाइफ पर भी पड़ता है। इसलिए, देश के सबसे बड़े स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने कर्मचारियों को हफ्ते में एक दिन समय पर घर जाने की छूट दे रहा है। यदि छूट मिलने के बाद भी कर्मचारी समय पर घर नहीं जाते हैं तो इसकी शिकायत कर्मचारियों की पत्नियां, बॉस से कर सकेंगी। 

एसबीआई के 'नई दिशा' प्रोग्राम के तहत यह पहल शुरू की गई है। कई शाखओं में यह शुरू हो चुका है, शेष में जल्द ही होने वाला है। इसमें अलग-अलग तरह की एक्टिविटीज करवाई जा रही हैं। पतियों को समझाया जा रहा है कि वे परिवार और बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय दें। ताकि पति-पत्नी के बीच रोज-रोज की नोक-झोंक रोकी जा सके। प्रोग्राम में शेड्यूल के तहत, दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे के बीच पति-पत्नी को साथ बैठाकर ट्रेनर द्वारा ऑफिस और घर के बीच सामंजस्य बनाए रखने के वीडियो दिखाए जा रहे हैं।

बैंक में काम करने वाला पति यदि समय पर घर न आए तो इसके लिए पत्नी को एक कोड दिया जाता है। इसे वह अपने पास रखेगी। इस कोड को वह अपने मोबाइल से स्कैन कर जो भी कमेंट लिखना चाहे वह लिख सकेगी। इसके साथ ही शिकायत भेजते समय पति का नाम और उनका पीएफ नंबर भी लिखना होगा। यह शिकायत बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच जाएगी।

कर्मचारी तनावमुक्त रहेंगे
एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन ग्वालियर के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी अवधेश अग्रवाल कहते हैं कि इससे कर्मचारी तनाव मुक्त होकर काम करेंगे। इससे बैंक की भी प्रगति होगी और परिवार भी खुश रहेगा। एसबीआई प्रबंधन द्वारा की जा रही यह पहल एक अच्छा कदम है।