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मप्र के सरकारी स्कूल में डायनिंग हॉल, कंप्यूटर लैब, लायब्रेरी, डिजिटल क्लास रूम और... | MP NEWS

22 February 2019

भोपाल। मध्यप्रदेश का एक सरकारी स्कूल ऐसा है जो किसी भी प्राइवेट स्कूल को मात देने जा रहा है। इस स्कूल में जल्द ही आपको डिजिटल क्लास रूम, कंप्यूटर लैब, किताबों से सुसज्जित लायब्रेरी, इंडोर गेम्स, खेल सामग्री और टाई-बेल्ट व यूनिफार्म में पढ़ाई करते बच्चे। यहां तक कि मध्याह्न भोजन के लिए डायनिंग हॉल तक मिलेगा। 

इस स्कूल को 'राजभवन स्कूल' के नाम से पुकारा जाता है। दस्तावेजों में इसे कुम्हारपुरा स्थित शासकीय माध्यमिक शाला कहा जाता है। इसे प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोद लिया है। उन्होंने इस स्कूल में सभी हाईटेक सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया है। यह स्कूल पहले राजभवन के अंदर संचालित होता था, लेकिन 1989 में इसे कुम्हारपुरा में शिफ्ट किया गया। जब से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस स्कूल को गोद लिया है, तब से इसका कायाकल्प हो गया है। पहली से आठवीं तक चलने वाले इस स्कूल में 336 बच्चे पढ़ते हैं और 17 शिक्षक कार्यरत हैं।

पहली बार कोई राज्यपाल पहुंचीं स्कूल
स्कूल की प्रधानाध्यापिका अलका शर्मा का कहना है कि 17 साल से इस स्कूल में हूं। लेकिन मुझे याद नहीं है कि इस स्कूल में कोई राज्यपाल निरीक्षण करने आया हो। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पहली बार सितंबर 2018 में स्कूल पहुंचीं तो उन्होंने इसे मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने का सपना संजोया और वे इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। राज्यपाल इस स्कूल में माह में एक बार निरीक्षण करने और बच्चों से मिलने आती हैं।

16 लाख से तैयार हो रहा डायनिंग हॉल
स्कूल में 100 बच्चे एक साथ मध्या- भोजन आराम से बैठकर कर सकें, इसके लिए डायनिंग हॉल का निर्माण 16 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने एक माह में इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसमें सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी। इसके अलावा स्कूल की छत पर स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से एक मल्टीपर्पस हॉल तैयार कराया जा रहा है। जहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार, संगोष्ठी या प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे।

डिजिटल क्लारूम में 6वीं से 8वीं तक की पढ़ाई
राज्यपाल ने इस स्कूल की तीन कक्षाओं में डिजिटल क्लासरूम की सौगात दी है। इसका उद्घाटन 8 जनवरी 2018 में हुआ। यहां पर 6वीं से 8वीं तक के बच्चे डिजिटल बोर्ड पर पढ़ाई करते हैं। इसके अलावा कंप्यूटर लैब के लिए कई संस्थाओं ने कंप्यूटर दिए हैं। वहीं स्कूल की लायब्रेरी में कोर्स के अलावा बच्चों को पढ़ने के लिए मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक किताबें उपलब्ध हैं। इसमें राज्यपाल ने 214 किताबें लायब्रेरी को भेंट की हैं, जिसमें बाल साहित्य, कहानियां व कविता की किताबें शामिल हैं।

दो स्कूल हुए हैं मर्ज
एक शाला एक परिसर के तहत इस स्कूल में पुलिस लाइन शासकीय माध्यमिक शाला के 50 बच्चे और स्वामी विवेकानंद स्कूल के 100 बच्चों को यहां पर मर्ज किया गया है। प्राचार्य ने बताया कि इस स्कूल में पहले सरकारी स्कूल की तरह सफेद शर्ट और ब्लू कलर का पैंट था। इसे बदलवाकर चेक शर्ट, ब्लू पैंट और लाल रंग की टाई व बेल्ट निजी स्कूल की तरह यूनिफार्म का कलर कराया गया है।

राजभवन के आईटीसेल प्रभारी शिक्षकों को कर रहे प्रशिक्षित
स्कूल को डिजिटल करने के बाद यहां के शिक्षकों को कंप्यूटर में प्रशिक्षित करने राजभवन की ओर से प्रशिक्षक उपलब्ध कराया गया है। राजभवन के आईटी सेल प्रभारी जितेंद्र पराशर रोज दोपहर 3ः30 बजे से शाम 5 बजे तक शिक्षकों व बच्चों को भी कंप्यूटर की ट्रेनिंग देते हैं।

खेल, संगीत शिक्षक व फर्नीचर की दरकार
इस स्कूल में खेल सामग्री तो उपलब्ध है, लेकिन न तो खेल ग्राउंड है और न ही खेल शिक्षक उपलब्ध हैं। वहीं संगीत के लिए वाद्ययंत्र तो हैं, लेकिन संगीत शिक्षक न होने से कोई भी बच्चा संगीत की शिक्षा नहीं ले पा रहा। वहीं स्कूल की कुछ कक्षाओं में फर्नीचर न होने से बच्चे दरी पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

हाईटेक हुआ स्कूल
जब से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन स्कूल को गोद लिया है तब से स्कूल काफी हाइटेक हो गया है। इसे मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। 
उषा खरे, संकुल प्राचार्य



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