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आचार संहिता के नाम पर अटकी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी की पोस्टिंग अब तक नहीं हुई | Khula Khat

अभिषेक जैन एडवोकेट। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2015 में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी की विज्ञप्ति जारी की गई थी जिस में 251 पदों को भरा जाना था। पीएससी के द्वारा परीक्षा तथा साक्षात्कार आयोजित किए गए एवं 17 मई 2017 को परीक्षा परिणाम घोषित किया। मुख्य चयन सूची के साथ साथ अनुपूरक सूची भी जारी की गई। मई 2018 में अनुपूरक सूची से करीब दो दर्जन उम्मीदवारों का चयन किया गया परंतु पोस्टिंग सिर्फ 18 उम्मीदवारों को ही दी गई तथा 8 उम्मीदवार जिनकी वेटिंग क्लियर तो हो गई परंतु पोस्टिंग न मिल पाने के कारण वे उम्मीदवार वल्लभ भवन के चक्कर लगा रहे हैं। इन उम्मीदवारों में अभिषेक जैन, हेमराज सुमन, बजरंग सिंह चौहान, दीपक गुप्ता, टिकेंद्र, अनिल भारती, वीरपाल राणा, दिनेश मालवी आदि शामिल है। 

ये उम्मीदवार अपनी पोस्टिंग के लिए बल्लभ भवन के चक्कर लगा रहे हैं परंतु अधिकारियों द्वारा वैधता अवधि समाप्त होने का हवाला देकर इनकी पोस्टिंग नहीं की जा रही है। इसके अतिरिक्त करीब एक दर्जन उम्मीदवार मुख्य सूची से भी हैं जिनकी पोस्टिंग नहीं की गई है। जहां एक और गृह विभाग और पीएससी का कहना है कि अनुपूरक सूची की वैधता अवधि समाप्त होने के कारण इन उम्मीदवारों के पोस्टिंग ऑर्डर नहीं निकाले जा रहे हैं वहीं उम्मीदवारों का कहना है कि उनकी बैटिंग मई 2018 में क्लियर हो गई थी तथा उनका अनुपूरक सूची से चयन हो गया था इसके बाद गृह विभाग ने लंबे समय तक पोस्टिंग को लटकाए रखा जिसमें उम्मीदवारों की कोई गलती नहीं है। 

कार्यालयीन सूत्रों के अनुसार मुख्य सूची और अनुपूरक सूची की वैधता अवधि 12 नवंबर तक थी परंतु आचार संहिता के प्रभाव में आ जाने के कारण गृह विभाग के द्वारा पोस्टिंग आर्डर जारी नहीं किए गए। सूत्रों के मुताबिक आचार संहिता के दौरान निर्वाचन आयोग के द्वारा पोस्टिंग ऑर्डर जारी करने की अनुमति नहीं देने के कारण मामला उलझ गया और वैधता अवधि समाप्त हो गई। अनुपूरक सूची के छात्रों के द्वारा वैधता अवधि बढ़ाए जाने की मांग की जा रही है वहीं दूसरी ओर अनुपूरक सूची से चयनित छात्रों के द्वारा उनकी नियुक्ति की जाने की मांग उठ रही है इस संबंध में उम्मीदवारों का प्रतिनिधिमंडल सचिव स्तर के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से भी मिलकर अपनी परेशानी बता चुका है। 

उम्मीदवारों के द्वारा अपनी पोस्टिंग कराए जाने के लिए अधिकारियों को आवेदन सोपे गए हैं। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के पद पर अनुपूरक सूची से चयनित चाचौड़ा तहसील के उम्मीदवार अभिषेक जैन के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी को राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, सचिव गृह विभाग, लोक सेवा आयोग तथा आयुक्त निशक्तजन को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। अभिषेक जैन के द्वारा अपने ज्ञापन में पोस्टिंग ऑर्डर जारी करने की मांग के साथ विस्तृत तथ्यों को अंकित किया गया है। 

अभिषेक जैन के द्वारा स्थानीय विधायक लक्ष्मण सिंह नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह तथा राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भी पत्र लिखा है। ज्ञापन में उल्लिखित तथ्यों के अनुसार मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2015 में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी का विज्ञापन क्रमांक 02/परीक्षा/2015 दिनांकित 22.12.2015 जारी किया गया था। 

आवेदक के द्वारा उक्त विज्ञापन के अनुसार दृष्टिवाधित विकलांग श्रेणी से आवेदन भरा जाकर आवेदक लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण हुआ और साक्षात्कार के लिऐ आमंत्रित किया गया। दिनांक 20.04.2017 से मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी की लिखित परीक्षा में पात्र उम्मीदवारों के साक्षात्कार आयोजित किऐ गऐ तथा आवेदक का साक्षात्कार भी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा लिया गया। साक्षात्कार उपरान्त 17 मई 2017 को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी का अंतिम परीक्षा परीणाम घोषित किया। 

आवेदक का नाम अनूपूरक सूची में दृष्टिवाधित श्रेणी/कोटे से प्रथम स्थान पर रहा। विज्ञापित 251 पदों में से 8 पद दृष्टि बाधित विकलांगों के लिऐ आरक्षित थे। दिनांक 17.05.17 को घोषित परीक्षा परिणाम में दृष्टि बाधित विकलांग उम्मीदवार कोंटे से 8 उम्मीदवारों चयन हुआ एवं आवेदक को अनुपूरक सूची/ प्रतीक्षा सूची में रखा गया। प्रतीक्षा सूची में प्रथम स्थान पर आवेदक अभिषेक कुमार जैन लिस्टेड रहा। कुछ अपात्र उम्मीदवार दृष्टिवाधित कोटे का लाभ लेकर सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के उक्त पद पर चयनित हुऐ थे। विभागीय आन्तरिक जांच में अपात्र उम्मीदवारों की उम्मीदवारी निरस्त की गई। 

इस सब के कारण परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद मई 2018 में आवेदक की बेटिंग क्लीयर हुई और अनुपूरक सूची से आवेदक का उक्त पद के लिऐ चयन हुआ। अपात्र उम्मीदवारों द्वारा दृष्टिवाधित विकलांग कोटे का लाभ लेकर चयनित होने के कारण आवेदक चयन सूची के बजाय अनूपूरक सूची में प्रथम स्थान पर रहा। अपात्र उम्मीदवारों के चयन को निरस्त करने के बाद आवेदक का चयन किया गया। दृष्टिवाधित विकलांग श्रेणी/कोटे से पद रिक्त होने के कारण आवेदक का उक्त केटेगरी से चयन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के पद पर हो गया। आवेदक का अनूपूरक सूची से चयन एवं वेटिंग क्लीयर होने के की सूचना 24 मई 2018 को गृह विभाग द्वारा  पत्र के माध्यम आवेदक को दीं। आवेदक को  पत्र के माध्यम से दस्तावेजों के सत्यापन के लिऐ निर्देषित किया तथा आवेदक ने अपने दस्तावेजों का सत्यापन 8 जून 2018 को करवाया। 

गृह विभाग द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय के प्रमुख सचिव भोपाल तथा एवं आयुक्त स्वास्थ्य सेवाऐं भोपाल को पत्र लिखकर  अनूपूरक सूची से चयनित आवेदक का स्वास्थ्य परीक्षण करवा कर रिपोर्ट भिजवाने सम्बन्धी पत्र प्रेषित किया। आवेदक ने तत्परता वरतते हुऐ दिनांक 19 जून 2018 को कार्यालय क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाऐं ग्वालियर में अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने हेतु उपस्थित हुआ। क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाऐं ग्वालियर द्वारा आवेदक को पत्र क्रमांक/ संभा. चिकि. मं./2018/8105 के माध्यम से 20.06.2018 को मेडीकल रिपोर्ट लेकर उपस्थित रहने के निर्देश दिया। आवेदक क्रमश 20.06.2018 एवं 27.06.2018 को बोर्ड के समक्ष उपस्थित हुआ और मेडीकल करवाया। क्षेत्रीय संचालक ग्वालियर द्वारा आवेदक का मेडीकल परीक्षण गृह विभाग को भिजवाया गया। 

गृह विभाग द्वारा आवेदक का पुलिस वेरीफिकेशन पुलिस मुख्यालय के माध्यम से करवाया गया जो कि जिला मजिस्टे्र्रट के माध्यम से जावंक क्रमांक एसडब्ल्यू/15-1/2018/67 दिनांक 27.07.2018 को पुलिस मुख्यालय भिजवाया गया जहां से पुलिस बेरीफिकेशन गृह विभाग को भेजा गया। दृष्टिवाधित विकलांग श्रेणी से 2 उम्मीदवार प्रतीक्षा सूची में थे तथा आवेदक प्रथम स्थान पर था। गृह विभाग द्वारा 01.10.18 को 18 उम्मीदवारों का पोस्टिंग/ पद स्थापना आदेश जारी किया गया परन्तु उक्त आदेश में आवेदक का नाम नही था। आवेदक अनूपूरक सूची में दृष्टिवाधित विकलांग केटेगरी से प्रथम स्थान था। आवेदक का पदस्थापना आदेश जारी नही किया गया जबकि दृष्टिवाधित विकलांग केटेगरी से दूसरे स्थान पर रही उम्मीदवार का पदस्थापना आदेश जारी कर दिया गया है।  

गृह विभाग द्वारा 01.10.18 को 18 उम्मीदवारों का पोस्टिंग/ पद स्थापना आदेश जारी किया गया है और आवेदक अपनी समस्त अनिवार्य औपचारिकताऐं पूर्ण कर चुका था परन्तु गृह विभाग के द्वारा आवेदक का पद स्थापना आदेश जारी नही किया। गृह विभाग द्वारा जानबूझकर आवेदक की पोस्टिंग में बिलम्ब कर रहा है। आवेदक का चयन उक्त पद के लिऐ हो चुका है परन्तु आवेदक का पद स्थापना आदेश जारी नही किया जा सका है। आवेदक समेत दर्जन भर उम्मीदवार विगत 5-6 माह से गृह विभाग के चक्कर लगा रहे है परन्तु गृह विभाग द्वारा उम्मीदवारों को कोई भी सन्तोषप्रद जबाब नही दिया जा रहा है। आवेदक की फाइल की प्रोसेस पूर्ण हो चुकी है और अनुमोदन भी हो चुका है परन्तु आवेदक का पोस्टिंग आर्डर जारी नही किया जा रहा है। 

आवेदक का चयन हुऐ 10 माह हो चुके है परन्तु अभी तक आवेदक का पद स्थापना आदेश जारी नही किया जा रहा है।  ज्ञापन में अतिशीघ्र पदस्थापना आदेश जारी करने की मांग की गई है। कुछ उम्मीदवारों के द्वारा उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर में याचिका भी दायर की गई है। याचिका में उम्मीदवारों के द्वारा कहा गया है कि अव्वल तो समय अवधि के अंदर उम्मीदवारों का चयन अनुपूरक सूची से हो चुका था परंतु गृह विभाग के द्वारा पोस्टिंग ऑर्डर जारी करने में देरी बरतने के कारण वैधता अवधि समाप्त हुई है जिसमें उम्मीदवारों की कोई गलती नहीं है अतः उन्हें पोस्टिंग ऑर्डर जारी किया जाए।