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पाकिस्तान पर AIR STRIKE का MP कनेक्शन | MP NEWS

भोपाल। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर ( POK ) में हुए हवाई हमले का जश्न तो पूरा देश मना रहा है परंतु मध्यप्रदेश के लोग गर्व भी महसूस कर रहे हैं क्योंकि इस AIR STRIKE में मध्यप्रदेश ( Madhya Pradesh ) का कनेक्शन मजबूत है। जिन बमों ने आतंकवादियों की लाशें बिछा दीं वो जबलपुर (JABALPUR ) में बने थे और मिराज लड़ाकू विमानों ( Mirage fighter planes ) ने ग्वालियर ( GWALIOR ) से उड़ान भरी थी। ग्वालियर में रात 12 बजे के बाद हलचल बढ़ गई थी। लोगों को सुबह समझ में आया कि रात में क्या कुछ हुआ। 

भारतीय वायु सेना ( Indian Air Force ) ने पाकिस्तान और POK में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर जिस 1000 पौंडर बमों को गिराया गया है, वह जबलपुर स्थित आयुध निर्माणी खमरिया ( AAYUDH NIRMANI KHMRIYA ) में बने थे। इन बमों ने आतंकी जैश के 3 अड्डों को पूरी तरह तबाह कर दिया। भारतीय वायुसेना की इस बड़ी कार्रवाई की खबर ओएफके प्रशासन को भी मिल चुकी है। निर्माणी के वरिष्ठ महाप्रबंधक अरविंद कुमार अग्रवाल ( Arvind Kumar Agrawa )ने कर्मचारी संगठनों के साथ दोपहर में आपात बैठक की।

जानिए कैसे होते हैं वो बम जो पाकिस्तान पर गिराए गए / Know how the bombs that were dropped on Pakistan

OFK में 1000 पौंडर बम बनाने का काम करीब 12 वर्ष से किया जा रहा है। इस बम की कुल लंबाई 5 फीट और वजन लगभग 500 किग्रा होता है। इस विध्वंसक बम का खोल 250 किग्रा. धातु (टंगस्टन, जस्ता आदि) से बना होता है। इसके अंदर 250 किग्रा. वजन का RDX, TNT और केमिकल मिश्रण भरा रहता है।

सिर्फ वायुसेना करती है उपयोग, बटन दबाकर गिराते हैं बम / Just AF each use, button to drop bombs

बम का वजन ज्यादा होने से इसे वायुसेना ही प्रयोग में लेती है। 1000 पौंडर बम को क्रेन से लड़ाकू विमान में लोड करते हैं। विमान में यह बम लगभग लटका रहता है, जो पायलट द्वारा डेशबोर्ड पर लगी बटन दबाकर नीचे जमीन पर गिराया जाता है।

यह होता है नतीजा / This is the result

भारतीय सेना 1000 पौंडर बम का उपयोग बंकर, बिल्डिंग को नेस्तनाबूद करने में करती हैं। यह बम जमीन पर गिरते ही आग का गोला बनकर फटता है। इससे 200 से 300 मीटर के हिस्से में गहरा गड्ढा होता है और बम कई टुकड़ों में बिखरता है जिससे बंकर, बिल्डिंग और मौके पर मौजूद लोग प्रभावित होते हैं।

24 घंटे काम करने तैयार

निर्माणी की बैठक में श्रमिक नेताओं व कर्मचारियों ने कहा कि भारतीय सेना के लिए गोला-बारूद की कोई कमी नहीं होने देंगे। वह सभी निर्माणी में लगातार 24 घंटे काम करने भी तैयार हैं।