पोस्ट ऑफिस की SAVING SCHEME पर INTREST दरें बढ़ीं | BUSINESS NEWS

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पोस्ट ऑफिस की SAVING SCHEME पर INTREST दरें बढ़ीं | BUSINESS NEWS

नई दिल्ली। केंद्र की MODI सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं पर ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला लिया है। पोस्ट ऑफिस जमा दरों में 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी की है। एक साल के जमा दर पर 0.10 फीसदी की बढ़त हुई है। इसका मतलब है आपको ज्यादा मुनाफा मिलेगा। 

आपको बता दें कि सरकार स्माल सेविंग्स स्कीम (Small Savings Scheme छोटी बचत योजनाओं) पर हर तिमाही में ब्याज दर (Interest rate इंटरेस्ट रेट) तय करती हैं। यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह कब इसमें बदलाव करे। स्पष्ट कर दें कि यह जरूरी नहीं कि सरकार हर तिमाही में बदलाव करे। 

टाइम डिपॉजिट (टीडी) या फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी)

पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में, एक तय अवधि के लिए एकमुश्त पैसा INVESTMENT कर सकते हैं। इसमें आप निश्चित रिटर्न और ब्याज भुगतान का लाभ उठा सकते हैं। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (टीडी) या फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) खाता चार परिपक्वता अवधि- एक साल, दो साल, तीन साल और पांच साल के लिए ब्याज दरों की पेशकश करता है। भारतीय डाक की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक 5 साल की सावधि जमा के तहत निवेश करने पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड / Public provident fund (PPF)- 

पोस्ट ऑफिस पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) में निवेश पर भी आप आयकर लाभ ले सकते हैं. दिसंबर में समाप्त होने वाली तिमाही के लिए, PPF खातों में जमा राशि पर सालाना 8 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती है. जमा पर ब्याज की गणना सालाना आधार पर की जाती हैं, जिसका अर्थ है कि इसे हर साल मूलधन में जोड़ा जाता है. पीपीएफ कर की छूट, छूट, छूट (EEE) श्रेणी के अंतर्गत आता है. इसका मतलब यह है कि रिटर्न, परिपक्वता राशि और ब्याज आय को INCOME TAX से छूट मिलती है.

डाकघर वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)- 

वरिष्ठ नागरिकों को एक सफल जीवन बिताने के लिए पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) पैसे बनाने में काफी कारगर है.

डाकघर राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी)

भारतीय डाक की तरफ से चलने वाली यह निवेश योजना काफी प्रचलित है। एनडीटीवी प्रोफिट की खबर के मुताबिक, पोस्ट ऑफिस नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) में निवेश पर सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की ब्याज दर मिल रही है। इसमें ब्याज की गणना सालाना आधार पर होती है, लेकिन ब्याज की राशि निवेश के परिपक्व होने पर ही दी जाती है। एक 100 रुपये की एनएससी पांच साल बाद 146.93 रुपये हो जाएगी। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट में जमा राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर छूट मिलती है।