Loading...

AMUL के नाम पर ठगी कर रहे हैं जालसाज, GOOGLE से मदद मांगी | BUSINESS NEWS

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कोऑपरेटिव डेयरी अमूल ने गूगल इंडिया से मदद मांगी है। अमूल का कहना है कि कुछ जालसाज 'अमूल' के नाम पर दुरुपयोग करते हुए अमूल पार्लर या अमूल डिस्ट्रीब्यूटर के लिए लोगों से आवेदन ले रहे हैं और ठगी कर रहे हैं। अमूल का कहना है कि ऐसे जालसाजों ने गूगल पर विज्ञापन भी दिए हैं। 

गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने आरोप लगाया है कि गूगल ने अमूल के नाम पर फर्जी विज्ञापन से कमाई की। इसमें कई फर्जी वेबसाइट अमूल पार्लर और डिस्ट्रीब्यूटर्स के बारे में फर्जी बिजनेस टू बिजनेस कैंपेन चलाते हुए लोगों को लूट रही थी। अमूल ने आरोप लगाया है इन विज्ञापनों के जरिए गूगल ने काफी मुनाफा कमाया। 10 जनवरी को गूगल इंडिया को भेजे नोटिस में अमूल की तरफ से कहा गया है कि गूगल सर्च इंजन पर सितंबर 2018 से कई जालसाज गूगल पर पेड ऐड चला रहे थे। 

इन लोगों और संगठनों ने देश भर में फर्जीवाड़े के जरिए अमूल के साथ व्यापार के मौके के नाम पर कई भारतीयों को ठगा और उनकी गाढ़ी कमाई लूटी। इन जालसाजों द्वारा इस फर्जीवाड़े में अमूल पार्लर, अमूल डिस्ट्रीब्यूटर और अमूल फ्रेंचाइजी जैसे कई कीवर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है। अमूल का कहना है कि इन कीवर्ड को गूगल सर्च में डालने पर कई फर्जी लिंक आ जाते हैं। जिस पर क्लिक करने पर लोगों से एक फॉर्म भरवाया जाता है। जिसके बाद इनके पास एक कॉल आता है और उन्हें रजिस्ट्रेशन फीस के नाम 25000 रुपये से 5 लाख रुपये तक मांगे जाते हैं। एक बार पैसा जमा होने के बाद इन लोगों के साथ किसी भी तरह का संपर्क और संचार बंद हो जाता है।

अमूल ने यह मामला गूगल इंडिया के समक्ष उठाते इस तरह के फर्जी विज्ञापनों को बंद करने की मांग करने के साथ कहा है कि नामी कंपनियों से संबंधित विज्ञापनों से पहले इन्हें देने वालों की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। अमूल ने इस संबंध में कॉपीराइट से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेज और विभिन्न उत्पादों के नाम गूगल को जमा कराए हैं। यह सब गूगल इंडिया टीम के दिशा-निर्देश में हुआ ताकि भविष्य में जालसालों को अमूल कीवर्ड पर आधारित गूगल सर्च ऐड का गलत इस्तेमाल न हो। इस जालसाजी को लेकर लोगों को जागरुक करने के लिए अमूल ने गूगल सर्च पर एक अभियान भी चलाया है ताकि उपभोक्ताओं को इस तरह के फर्जी कैंपेन से आगाह किया जा सके और इस अभियान को समर्पित एक वेबपेज भी बनाया है।