हरामखोर नेताओं से अपने आपको सुरक्षित रखो नहीं तो...: डिप्टी कमिश्नर का मैसेज वायरल | MP NEWS

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हरामखोर नेताओं से अपने आपको सुरक्षित रखो नहीं तो...: डिप्टी कमिश्नर का मैसेज वायरल | MP NEWS

भोपाल। नगरनिगम जबलपुर की डिप्टी कमिश्नर अंजू सिंह का एक मैसेज वायरल हो रहा है। वाट्सएप ग्रुप Swachhta Survekshan 2018 में लिखा है कि 'हमारखोर नेताओं से अपने आपको सुरक्षित रखो नहीं तो सर का दिमाग खराब होता तो सब आॅपरेटर रोड पर आ जाएंगे।' मामला आउटसोर्स कर्मचारियों का है। बता दें कि आउटसोर्स कर्मचारी शुरूआत से ही अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत करते रहे हैं।

मामला क्या है
आउटसोर्स कर्मचारी समान काम समान वेतन एवं नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। इसके लिए आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपने संगठन भी बना लिए हैं अब वो कार्यस्थल पर प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। ताजा मामला जबलपुर नगर निगम का ही है। यहां निगम के समस्‍त कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटरों की बैठक बुलाई गई और उस बैठक में सभी कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटरों को स्‍वच्‍छता सर्वे का कार्य यह कहते हुए सौंप दिया कि अगर आप यह कार्य नहीं करेंगे तो आपको घर बैठना पड़ेगा। 

स्वच्छता सर्वे के लिए फर्जी वोटिंग कराई जा रही है
गौरतलब है कि नगर निगम जबलपुर में कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटरों को अधिकारियों और आउट सोर्स कंपनी की खीचातानी में 5 माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे में अधिकारियों द्वारा दी गई धमकियों से कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर बहुत सदमें में है और उनहें मौखिक आदेश पर कार्य करने की मजबूरी बनी हुई है। निगम द्वारा सभी शौचालयों पर स्‍वच्‍छता की वोटिंग हेतु एक मशीन लगाई गई है जिसमें कुछ बटन है और तो और अधिकारियों द्वारा यह भी कहा गया है कि ऑपरेटर केवल ग्रीन को ही दबायें जिससे कि सभी शौचालय स्‍वच्‍छता की श्रेणी में आ सकें। यानी निगम द्वारा एक और स्‍वच्‍छता का घोटाला किया जा रहा है। 

मध्‍यप्रदेश कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर महासंघ द्वारा बताया गया कि जबलपुर नगर निगम में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी चाही गई थी कि ''जबलपुर निगम द्वारा आउट सोर्स कंपनी को प्रति ऑपरेटर कितना भुगतान किया जाता है'' जिसका जवाब आला अधिकारियों द्वारा गोल-मोल करते हुए नहीं दिया गया। मध्‍यप्रदेश कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर महासंघ जबलपुर निगम से यह सवाल करता है कि क्‍या निगम को यह जानकारी नहीं है कि प्रति कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर आउट सोर्स कंपनी को कितना भुगतान किया जाता है। या फिर इसमें भी संबंधित अधिकारियों की भी मिली भगत है।

डिप्टी कमिश्नर ने वाट्सएप ग्रुप में क्या लिखा
मध्‍यप्रदेश कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर महासंघ की गतिविधियों को गलत बताते हुए उन्होंने पहले तो कम्प्यूटर आॅपरेटरों को धमकाते हुए लिखा कि 'हमारखोर नेताओं से अपने आपको सुरक्षित रखो नहीं तो सर का दिमाग खराब होता तो सब आॅपरेटर रोड पर आ जाएंगे।' फिर उनका समर्थन करते हुए लिखा कि दवाब अपनी नियोक्ता ऐजेंसी पर बनाएं ना कि निगम पर। जीत आपकी ही होगी।