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पढ़िए कितने काम की है मल्टी-ऑप्शन डिपॉज़िट स्कीम | MODS by SBI

भारतीय स्टेट बैंक, यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने ग्राहकों के लिए ऐसी सावधि जमा पेश करता है, जिसे मल्टी-ऑप्शन डिपॉज़िट स्कीम (MODS) कहा जाता है। देश के सबसे बड़े ऋणदाता की वेबसाइट sbi.co.in के मुताबिक, यह योजना बचत तथा चालू खातों से जुड़ी होती है। आम सावधि जमा खातों, जो पूरी तरह लिक्विडेट किए जा सकते हैं, से अलग MODS खाताधारक 1,000 रुपये के गुणकों में अपनी ज़रूरत के हिसाब से इस खाते से रकम निकाल सकता है। बची हुई राशि पर खाताधारक को वही ब्याज मिलता रहेगा, जो शुरुआती जमा के वक्त तय किया गया था।

आइए, SBI के बहु-विकल्पीय सावधि जमा खाते (multi option deposit scheme account) के बारे में आपको बताते हैं पांच ज़रूरी बातें...
1. न्यूनतम राशि : बहु-विकल्पीय सावधि जमा खाते में कम से कम 1,000 रुपये की राशि जमा करवाई जा सकती है। इससे ज़्यादा रकम 1,000 रुपये के गुणकों में होनी चाहिए। इस खाते में जमा करने के लिए कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है, यानी ग्राहक कितनी भी राशि इस खाते में जमा करवा सकते हैं। 
2. अवधि : इस खाते में जमा करवाई गई रकम के लिए कम से कम अवधि एक वर्ष है, जबकि बहु-विकल्पीय सावधि जमा खाते की अधिकतम समयावधि पांच वर्ष तय की गई है।

3. ब्याज दर : बहु-विकल्पीय सावधि जमा खाते पर SBI उसी दर से ब्याज अदा करता है, जिस दर से वह किसी भी सावधि जमा खाते पर ब्याज दिया करता है। SBI ने अपनी सावधि जमा ब्याज दरों में 30 जुलाई से प्रभावी परिवर्तन किए थे, जो एक करोड़ रुपये से कम रकम के सावधि जमा खाते पर लागू होते हैं।

4. समय-पूर्व निकासी : SBI के बहु-विकल्पीय सावधि जमा खाते में समय-पूर्व निकासी का विकल्प उपलब्ध है। SBI का कहना है, इस खाते पर भी समय-पूर्व निकासी के वही नियम लागू होते हैं, जो किसी अन्य सावधि जमा खाते पर लागू होते हैं।

5. अन्य फीचर : बहु-विकल्पीय सावधि जमा खाते में नॉमिनेशन सुविधा, ऋण सुविधा भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा खाताधारक को बहु-विकल्पीय सावधि जमा खाते से जुड़े बचत खाते में मासिक औसत बैलेंस (Monthly Average Balance या MAB) भी बरकरार रखना होगा।