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जीका वायरस में इन आयुर्वेदिक तरीकों से करें अपना इलाज | zika virus ayurvedic treatment

इन दिनों भारत में जीका वायरस (zika virus) जैसी खतरनाक बीमारी फैल रही है। खबरों के अनुसार बीते दिन राजस्थान के 22 लोगों में ये खतरनाक वायरस के लक्षण देखे गए हैं, जिससे इससे बचना अब और भी जरूरी हो गया है। जीका ज्यादातर संक्रमित एडीज प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षण एकदम डेंगू (dengue) के समान होते हैं। जीका के लिए अब तक कोई दवा या टीका नहीं है, तो व्यक्ति आखिर अपना बचाव करे कैसे। तो बता दें कि इसके लिए उसे कहीं ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है बल्कि घर बैठे घरेलु नुस्खों (home remedies) की मदद से अपना इलाज आसानी से कर सकते हैं, तो कई हद तक कारगार भी साबित होंगे।

पपीते का जूस
डेंगू में पपीते का जूस बड़ा फायदेमंद होता है। इसी तरह जीका वायरस में भी ये जूस बहुत फायदा पहुंचाएगा। हालांकि गर्भवती महिलाओं को ये बीमारी हो जाए, तो उन्हें ये जूस नहीं दिया जाना चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद पॉवरफुल एनजाइम पपेन गर्भधारण तक करा सकता है। लेकिन आम व्यक्ति अगर इसका सेवन करे तो इम्यून सिस्टम तो अच्छा होगा ही साथ ही ये ब्लड प्लेटलेट्स काउंट को भी बढ़ाएगा। 

हल्दी
वैसे तो आयुर्वेद में हल्दी को शक्तिशाली औषधि माना गया है। इसमें कई एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं, जिससे कई रोगों का इलाज संभव है। जीका में इसका सेवन करने से इम्यून सिस्टम को बढ़ावा मिलता है। 

अदरक
अदरक का सेवन करने से पाचन संबंधित समस्याओं से राहत मिलती है। अदरक में एंटी अल्सर और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो जीका के लक्षणों जैसे जुकाम, बुखार , खांसी आदि से लड़ते हैं। 

लहसुन
जीका वायरस जैसी खतरनाक बीमारी में लहसुन का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद एलीसीन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है साथ ही वायरस के लक्षणों को नष्ट करने में भी सक्षम होता है।
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